रामपुर | उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर अखिलेश सरकार के समय से ही सवाल उठते आये है. बदमाश बेख़ौफ़ होकर अपराधो को अंजाम देते थे. लेकिन योगी सरकार बनने के बाद भी इस स्थिति में कोई बदलाव नही आया है. क्योकि अगर पुलिस, जिसके पास कानून व्यवस्था सुधारने का जिम्मा है वो ही पीडितो को परेशान और अपराधियों को बचाने में लग जाए इस स्थिति में कोई बदलाव कर भी नहीं सकता.

दरअसल रामपुर में एक अजीबो गरीब मामला सामने आया है. यहाँ एक रेप पीड़ित महिला ने थाने के दारोगा पर आरोप लगाया है की उसने रेप आरोपियों को पकड़ने के बदले उससे सेक्स करने की मांग की है. महिला का यह भी आरोप है की जब उसने दरोगा की मांग को ठुकरा दिया तो उसने इस मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी. जिले के एसपी ने महिला की शिकायत का संज्ञान लेते हुए मामले की जाँच के आदेश दे दिए है.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया में छपी खबर के अनुसार रामपुर में एक 37 वर्षीय महिला ने जिले की महिला एसपी से गंज थाने के एसआई जय प्रकाश सिंह के खिलाफ न्याय दिलाने के बदले शारीरिक शोषण करने का प्रयास करने का आरोप लगाया है. अपनी शिकायत में महिला ने कहा की जय प्रकाश ने उससे रेप आरोपियों को पकड़ने के बदले सेक्स की मांग की. इसके अलावा उसने फ़ोन कर उसे अपने घर भी  आने को कहा.

महिला का यह भी आरोप है की जब उसने जय प्रकाश की मांग को मानने से इनकार कर दिया तो उसने मामले में क्लोजर रिपोर्ट फाइल कर दी. पुलिस के मुताबिक 12 फरवरी को एक महिला के साथ दो लोगो ने बलात्कार किया था. इसमें उसका एक परिचित भी शामिल था. महिला के अनुसार जब वो अपने रिश्तेदार के यहाँ से लौट रही थी तभी उन दोनों ने उसे लिफ्ट दी, उन्होंने महिला को घर तक छोड़ा और अकेला पाकर बन्दूक की नौक पर उससे बलात्कार किया.

जब महिला रेप की शिकायत थाने पहुंची तो पुलिस ने उसकी शिकायत दर्ज नही की. इसके बाद महिला ने अदालत का रुख किया. अदालत के आदेश पर करीब एक हफ्ते बाद दो आरोपियों 55 वर्षीय अमीर अहमद और 45 वर्षीय सत्तार अहमद के खिलाफ IPC की धारा 376 डी (गैंगरेप), 323 और 506 के तहत मामला दर्ज किया गया.


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