rajyasabha

देशभर में भगवा संगठनों द्वारा दलितों पर हो रहें अत्याचार को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान की मांग कर रहे तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने आज राज्यसभा की कार्यवाही से वाकआउट कर दिया। तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने नियम 267 के तहत एक नोटिस दिया था जिसे उप सभापति पी जे कुरियन ने अस्वीकार कर दिया.

तृणमूल कांग्रेस नेतासुखेन्दु शेखर रॉय ने कहा कि दलितों तथा अल्पसंख्यकों के अधिकारों का हनन करना सीधे तौर पर संविधान के प्रति असम्मान है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र विरोधी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी का गठन किया है और दलितों तथा अल्पसंख्यकों पर हमले भी राष्ट्र विरोधी हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री को सदन में आना चाहिए और अनुसूचित जाति.. जनजाति के लोगों पर बढ़ती ज्यादतियों के संबंध में एक बयान देना चाहिए।

और पढ़े -   गाय पर आस्था रखने वाले लोग हिंसा नहीं करते: मोहन भागवत

तृणमूल कांग्रेस द्वारा नियम 267 के तहत दिया गया नोटिस अस्वीकार कर दिये जाने पर उप सभापति ने स्पष्ट कहा कि उनका नोटिस नहीं लिया जा सकता। उन्होंने कहा कि दलितों के मुद्दे पर सदन में एक बार चर्चा हो चुकी है। उसी विषय पर अभी चर्चा की अनुमति नहीं दी जा सकती। इस पर असंतोष जताते हुए तृणमूल कांग्रेस के सदस्य सदन से वाकआउट कर गए।

और पढ़े -   गुजरात दंगों की जांच करने वाले वाईसी मोदी बने एनआईए प्रमुख

Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE