नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से मानद डॉक्टरेट डिग्री लेने से इंकार कर दिया है। उन्होंने कहा है कि उनकी नीति ऐसी डिग्रियों को स्वीकार नहीं करने की है।

बीएचयू से डॉक्टरेट उपाधि नहीं लेंगे पीएम मोदी

सरकारी सूत्रों ने आज यहां यह जानकारी दी। मोदी 22 फरवरी को बीएचयू जाएंगे जिस दौरान विवि ने उन्हें विधि की मानद डॉक्टरेट डिग्री से सम्मानित करने की पेशकश की थी। बीएचयू ने अपने एक बयान में कहा था कि उसने एक ‘नवोन्मेषक, सुधारक, लोकसेवा और प्रशासन क्षेत्र में शानदार नेता होने एवं उनकी उल्लेखनीय सेवाओं को मान्यता देते हुए उन्हें डॉक्टर आफ लॉ की मानद उपाधि से सम्मानित करने की पेशकश की थी।

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विश्व विद्यालय ने प्रधानमंत्री से इस पेशकश को मंजूर करने की अपील की थी लेकिन प्रधानमंत्री ने कहा है कि वह डॉक्टरेट की उपाधि स्वीकार नहीं करेंगे। सूत्रों ने यह जानकारी दी। यह पहला मौका नहीं है जब मोदी ने इस प्रकार की डॉक्टरेट उपाधि को स्वीकार करने से इंकार किया है।

साल 2014 में अपनी अमेरिका यात्रा से पूर्व लुइसियाना में एक विवि ने सामाजिक बदलाव, महिलाओं के सशक्तिकरण और गुजरात में अल्पसंख्यकों के सशक्तिकरण में उनके योगदान को मान्यता देते हुए उन्हें मानद डॉक्टरेट उपाधि से सम्मानित करने का प्रस्ताव किया था। लेकिन वह इसके लिए सहमत नहीं हुए थे। यहां तक कि मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए भी उन्होंने कई विवि द्वारा प्रस्तावित मानद डॉक्टरेट उपाधि स्वीकार करने से इंकार कर दिया था। (ibnlive)

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