प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को लोकसभा में कांग्रेस उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी की तीखी आलोचना की. उन्‍होंने राहुल गांधी को नसीहत दी कि वे कम से कम अपने पापा (राजीव गांधी) और दादी (इंदिरा गांधी) की बातों को तो मान लें.

पीएम मोदी का राहुल पर कटाक्ष, बोले- कुछ सांसद यहां कराने आते हैं मनोरंजन

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘सदन में जो कुछ भी हुआ, उससे देश के साथ मैं भी बहुत चिंतित और पीड़ित हूं. सदन नहीं चलने से देश को भी नुकसान होता है और विपक्ष का भी. सदन नहीं चलने से विपक्ष को भी अपनी बात कहने का मौका नहीं मिलता है. सदन ऐसा फोरम है जहां अपने विचार रखे जाते हैं. तीखे सवाल पूछे जाते हैं और तीखा जवाब भी झेलना पड़ता है. सदन का गरिमा बहाल रखना जरूरी है. ऐसे में मेरा आग्रह है कि सभी सियासी दल बिल पास करवाने में मदद करें.’

इस दौरान सदन में अजीब नजारा देखने को मिला. प्रधानमंत्री के भाषण के बीच में ही राहुल गांधी सदन छोड़कर बाहर चले गए. इसे देख भाजपा सांसदों ने काफी शोरगुल किया. हालांकि, बाद में राहुल गांधी सदन में लौट आए.

पीएम ने राहुल गांधी के बुधवार को दिए बयान पर चुटकी लेते हुए कहा, ‘पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी भी सदन चलने के पक्ष में थे. ऐसे में हमें बड़ों की बात माननी चाहिए. कुछ लोगों की उम्र बढ़ती है, पर सोच नहीं. दरअसल, राहुल ने कल कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसी की बात नहीं सुनते हैं और अपनी ही मर्जी चलाते हैं.’

मर्यादाहीन बयानों से देश की छवि को नुकसान

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बयान का हवाला देते हुए कहा कि सांसदों के मर्यादाहीन बयानों से देश की छवि को चोट पहुंचती है. ऐसा लगता है कि हम कटोरा लेकर भीख मांगने निकले हैं. यह कहते हुए पीएम ने साफ किया कि यह बयान उनका नहीं, इंदिरा का है.

पीएम ने पूछा, ‘सदन बाधित कर भला विपक्ष को क्‍या मिलेगा? इससे केवल सदन का कामकाज बाधित होता है. यहां शोरगुल और हंगामा होता है. ऐसी स्थिति से सदन की मर्यादा को चोट पहुंचती है. वैसे भी जनहित के बिल अटके पड़े हैं और विपक्ष का सहयोग बेहद जरूरी है.’

‘मेक इन इंडिया’ का भला मजाक क्‍यों?

पीएम ने कहा, ‘मेक इन इंडिया का भला क्‍यों मजाक बनाया जा रहा है? यदि इसमें कुछ कमियां है तो इसे दूर करने की जरूरत है.’

मोदी ने कहा, ‘8 मार्च को महिला अंतरराष्‍ट्रीय दिवस है. ऐसे में मेरी आपसे गुजारिश है कि हम ऐसी व्‍यवस्‍था बनाएं, जिससे उस दिन केवल महिलाएं ही सदन में बोलें. साथ ही सदन में किसी खास दिवस को पहले घंटे नए सांसद को बोलने का मौका मिले.’

युवा सांसदों को बोलने का मिले मौका

पीएम ने कहा, ‘कुछ दल इस भ्रम में हैं कि उन्‍होंने सदन बाधित कर अच्‍छा काम किया है, जो गलत है. सच्‍चाई तो यह है कि यह सब ऐसा इसलिए हो रहा है कि विपक्ष के सामर्थ्‍यवान सांसदों को बोलने का मौका नहीं मिले. इन युवा सांसदों को अपनी बात रखने की जरूरत है. यहां तक कि कुछ लोग मनोरंजन करते हैं.’

पीएम ने कहा कि कुछ लोगों को योजनाएं देर से समझ में आती है. उनकी उम्र तो बढ़ती जाती है, लेकिन सोच नहीं. ऐसे में वे हर नई चीजों का मजाक उड़ाते हैं. कांग्रेस सरकारों की नीतियों पर कटाक्ष करते हुए उन्‍होंने कहा कि यदि गरीबी खत्‍म हो गई होती तो फिर मनरेगा जैसी योजनाओं की जरूरत नहीं पड़ती.

बांग्‍लादेश सीमा विवाद कांग्रेस की देन

मोदी ने कहा, कांग्रेस के पास कहने को कुछ भी नहीं बचा है, इसलिए वो जानबूझकर सरकार की नीतियों का विरोध और आलोचना कर रही है. हमारी सरकार राज्‍यों को ज्‍यादा फंड दे रही है. बांग्‍लादेश सीमा विवाद कांग्रेस की देन थी, जिसका हल हमारी सरकार ने किया. (pradesh18)


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