नई दिल्ली | बुधवार को म्यांमार में एक सैनिक विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से 116 यात्रियों की मौत हो गयी. प्रधानमंत्री मोदी ने इस हादसे पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए कहा की पीड़ित परिवारों के प्रति हमारी संवेदनाये है. इसके अलावा मोदी ने म्यांमार को हर संभव मदद देने का भी आश्वासन दिया. हालाँकि एक देश के राष्ट्राध्यक्ष का यह फर्ज बनता है की वो इस तरह के हादसों के प्रति अपनी संवेदनाये व्यक्त करे.

लेकिन खुद पीएम मोदी को भी इस बात का अहसास नही था की म्यांमार के प्रति एक संवेदना भरा मेसेज करना उनको काफी भारी पड़ेगा. दरअसल जैसे ही मोदी ने ट्वीट कर लिखा ,’ म्‍यांमार सेना के यातायात विमान की दुर्घटना से बेहद दुखी हूं. भारत राहत कार्यों में हर तरह की मदद करने के लिए तत्‍पर है’, वैसे ही लोगो ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया. असल में लोग इस बात से दुखी है की मोदी म्यांमार में हादसे के लिए दुखी है लेकिन देश के किसानो के लिए नही.

इसलिए काफी लोगो ने मोदी की आलोचना करते हुए उनसे पुछा की आपके पास म्यांमार में हुए विमान हादसे पर दुःख जताने का समय है लेकीन मध्यप्रदेश में पुलिस की गोलियों से मारे किसानो के प्रति आपकी कोई संवेदनाये नही है. लगता है विदेशो में बांटते बांटते आपकी सारी संवेदनाये ख़त्म हो चुकी है. एक यूजर ने तो मोदी को झान्सेबाज बताते हुए कहा की लन्दन में छह लोगो की मौत पर ट्वीट करने वाला झान्सेबाज , देश के 8 किसानो की मौत पर चुप क्यों?

वही कांग्रेस नेता गौरव ने मोदी से पुछा,’ एमपी में बीजेपी सरकार द्वारा भारत के किसानों को गोली मारने से जो नुकसान हुआ है, उसपर क्‍या कहेंगे? कभी भारतीयों की मदद के लिए भी समय निकालिए? अगर आपको परवाह हो?’ दरअसल मध्यप्रदेश में मंदसौर में आन्दोलन कर रहे किसानो पर मंगलवार को पुलिस ने गोली चला दी जिसमे 5 किसानो की मौत हो गयी. करीब तीन दिन गुजर जाने के बाद भी मोदी ने इस घटना पर कोई दुःख प्रकट नही किया है जिससे काफी लोग उनसे गुस्से में है.


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