नई दिल्‍ली: दिल्ली सरकार के ऑड-ईवन फॉर्मूले का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट याचिका पर सुनवाई को तैयार हो गया है, लेकिन कोर्ट ने जल्द सुनवाई की मांग को ठुकराते हुए याचिकाकर्ता पर ही कई बडे़ सवाल उठा दिए।

ऑड-ईवन फॉर्मूले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अर्जी, याचिकाकर्ता को कोर्ट ने सुनाई खरी-खरीचीफ जस्टिस टीएस ठाकुर ने कहा कि लोग प्रदूषण की वजह से मर रहे हैं और आप इस योजना को चुनौती दे रहे हैं। यहां तक की खराब हालात के चलते सुप्रीम कोर्ट के जज भी कार पूलिंग कर रहे हैं। चीफ जस्टिस ने कहा कि ये याचिका पब्लिसिटी स्टंट लगती है और याचिकाकर्ता अखबार में अपना नाम छपवाना चाहता है।

और पढ़े -   मोदी सरकार ने विवादित लेखिका तस्लीमा नसरीन का एक साल के लिए बढ़ाया वीजा

चीफ जस्टिस ने कहा कि शहर की आबोहवा साफ करने के लिए सरकार ही नहीं, बल्कि हम सब को मिलकर सहयोग करना होगा। अगर कोई कमी होगी तो कोर्ट जरूर सरकार को निर्देश जारी करेगा। हालांकि कोर्ट ने कहा कि याचिका पर जल्द सुनवाई की जरूरत नहीं है।

दरअसल, याचिका में दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई है। याचिका में कहा गया है कि ये योजना असंवैधानिक है। इससे लोगों के अधिकारों का हनन तो होता ही है साथ ही लोगों को परेशानियों को सामना भी करना पड़ रहा है। ये भी कहा गया है कि अगर डीजल कार से प्रदूषण हो रहा है तो पेट्रोल कार पर पाबंदी क्यों? गौरतलब है कि चीफ जस्टिस पहले भी केजरीवाल सरकार की योजना का समर्थन कर चुके हैं और वे खुद जस्टिस सीकरी के साथ कार पूलिंग कर रहे हैं। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट के कई जज भी कार पूलिंग कर रहे हैं। साभार: NDTV

और पढ़े -   रिफत शारूक द्वारा बनाए गए दुनिया के सबसे छोटे सैटेलाइट को नासा ने किया लॉन्च

Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE