पंजाब के पठानकोट में एयरफोर्स स्टेशन पर हुए आतंकी हमले के लगातार तीसरे दिन भी सेना का ऑपरेशन जारी है. सोमवार सुबह एयरबेस के अंदर क्विक रिएक्शन टीम (QRT) को भेजा गया है. बताया जा रहा है कि एयरबेस में अभी भी फायरिंग जारी है.

pathanattack10सेना के अधिकारियों के मुताबिक, ऑपरेशन जारी है. एयरबेस के अंदर रुक-रुक कर गोलीबारी हो रही है. सेना की नई टुकड़ी को अंदर भेजा गया है. साथ ही हेलीकॉप्टर के जरिए भी एरिया पर नजर रखी जा रही है. एयरबेस में सर्च ऑपरेशन के दौरान एक बार फिर ब्लास्ट होने की सूचना है.

दूसरे दिन भी एयरबेस में हुआ ब्लास्ट
इसके पहले, रविवार दोपहर करीब सवा बारह बजे एयरबेस में दोबारा फायरिंग होने लगी. सर्च ऑपरेशन के दौरान निष्क्रिय करते वक्त एक बम फट गया था, जिसमें सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी शहीद हो गए. सुरक्षा बलों ने दोबारा ऑपरेशन शुरू किया और दोपहर को छठे आतंकी को ढेर कर दिया.

गृह सचिव ने कहा- जारी है ऑपरेशन
गृह सचिव राजीव महर्ष‍ि ने रविवार को बताया कि दो आतंकी एयरबेस में मौजूद हैं और ऑपरेशन जारी है. उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ऑपरेशन खत्म होगा. गृह सचिव के मुताबिक, अब तक 7 जवान शहीद हो चुके हैं. जबकि 16 घायल बताए जा रहे हैं.

पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन के एओसी जेएस धमून ने बताया कि एयरबेस पर ऑपरेशन अब भी जारी है. उन्होंने बताया कि ऑपरेशन रातभर जारी रहा था. हालांकि धमून ने यह बताने से इनकार कर दिया कि अंदर कितने आतंकी मौजूद हैं. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन खत्म होने के बाद ही तस्वीर साफ हो पाएगी.

NSG कमांडो लेफ्टिनेंट कर्नल निरंजन शहीद
पठानकोट में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हुए जवानों में एनएसजी कमांडो लेफ्टिनेंट कर्नल निरंजन कुमार भी हैं. उनकी मौत बम निष्क्रिय करते समय हुई. इसकी जानकारी मिलते ही उनके परिवार में मातम पसर गया. शहीद निरंजन का पार्थिव शरीर उनके घर ले जाया गया है जहां सोमवार को उनका अंतिम संस्कार होगा. शहीद जवानों में संजीव कुमार, जगदीश चंद, मोहित चंद, फतेह सिंह, कुलवंत सिंह, गुरसेवक सिंह शामिल हैं.

पहले दिन 4 आतंकी ढेर हुए थे
आतंकियों से शनिवार तड़के शुरू हुई मुठभेड़ में पहले दिन चार आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि हुई. एयरबेस और आसपास के 14 किलोमीटर के दायरे में सर्च ऑपरेशन जारी है.

आतंकियों ने पाकिस्तान किए थे फोन
खुफिया एजेंसियों को पठानकोट हमले के आतंकियों के फोन कॉल डिटेल मिले हैं. इसके मुताबिक, शुक्रवार-शनिवार की रात डेढ़ से पौने दो बजे के बीच आतंकियों ने पाकिस्तान में चार फोन कॉल किए थे. खुफिया एजेंसियों ने ये फोन कॉल ट्रेस किए हैं.

30 दिसंबर को घुसे थे भारत में
सूत्रों के मुताबिक, आतंकी 30 दिसंबर को गुरदासपुर से लगी सीमा से भारत में घुसे थे. सभी जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी बताए जाते हैं. बताया जाता है कि आतंकियों को बहावलपुर में ट्रेनिंग मिली और इनके हैंडलर का नाम मोहम्मद अशफाक और हाजी अब्दुल है. सभी 6 आतंकियों को वायुसेना के विमान उड़ाने का टास्क दिया गया था. आशंका जताई जा रही है कि आतंकी दो ग्रुप में बंटकर हमले के लिए निकले हैं. लिहाजा, अलग-अलग इलाकों में भी सर्च ऑपरेशन किया जा रहा है.

आधुनिक हथियारों से लैस थे आतंकी
खबरों के मुताबिक आतंकी एके-47, हैण्ड ग्रेनेड, जीपीएस सिस्टम समेत भारी गोला बारूद से लैश थे, लेकिन मुस्तैद सुरक्षा बलों ने उनके हमले को नाकाम कर दिया. आतंकवादी शनिवार तड़के 3 बजे लैंड क्रूजर और पजेरो गाड़ी से पठानकोट एयरबेस पहुंचे थे. आतंकियों की पाकिस्तान के बहावलपुर में 6 महीने तक ट्रेनिंग हुई और वे अल रहमान ट्रस्ट से जुड़े हैं. साभार: आज तक


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