नई दिल्ली : बाबा रामदेव के पंतजलि उत्पाद के इस बार फिर कुछ नमूने जाँच के लिए लिए गए है. इन नमूनों में से गाय के घी का लिया गया नमूना फेल हो गया है. जाँच के लिए भेजे गए घी में परीक्षण के दौरान यह बात सामने आई है कि इस घी में  वनस्पति के साथ रंग का भी मिश्रण किया गया है.
पंतजलि के गाय घी में  मिली मिलावट, बाबा रामदेव पड़े संकट में
योगेश ने की थी शिकायत
पंतजलि गाय  ‘घी’ का नमूना एक बार फिर फेल हो गया है. बाबा के ‘घी’ में फंगस मिलने के बाद इस मामले की   शिकायत लखनऊ के एक कस्टमर योगेश मिश्रा ने की थी, जिसके बाद ‘घी’ का नमूना लेकर उसे परीक्षण के लिए भेजा गया था. यह नमूना लैब के परीक्षण में फेल हो गया है. सूत्रों के मुताबिक 7 जनवरी 2016  को लिए गए इस नमूने की रिपोर्ट आने के बाद इस मामले का खुलासा हुआ है. यह नमूना 7 जनवरी को लैब में परीक्षण के लिए भेजा गया था. लैब ने इस नमूने की जाँच पूरी कर 8  फरवरी 2016  को इसकी रिपोर्ट मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी को भेज दी है.
फंगस ही नहीं रंग भी निकला घी में
बताया जाता है कि लखनऊ में रहने वाले योगेश कुमार मिश्रा ने बाजार से रामदेव बाबा के पंतजलि केंद्र से गाय का शुद्ध देशी घी ख़रीदा था, जिसको घर ले जाने के बाद जब उसके पैकेट को खोला गया तो उसमें फंगस के साथ घी का रंग पीला निकला. जिसकी शिकायत उन्होंने संबंधित विभाग से की. खाद्य सुरक्षा विभाग के इंस्पेकटर ने उपभोक्ता की शिकायत पर संबंधित सेंटर से नमूने लेकर उसके परीक्षण के लिए  भेजा. लैब में भेजा गया घी का नमूना जाँच के दौरान फेल हो गया.
जाँच में निकली मिलावट
लैब की रिपोर्ट के मुताबिक घी के नमूने की परख करने के लिए जब उसके बने पैमाने के अनुसार देखा गया तो घी में वनस्पति भी मिला. इसके साथ ही कुछ रंग मिले. यह रंग पीला था. इससे यह बात साफ हो गई है कि पतंजलि के गाय के शुद्ध घी में मिलावट है. इस बाबत विभाग के जानकारों का कहना है कि नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी.  (इंडिया संवाद)

लाइक करें :-


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें

कमेंट ज़रूर करें