paper ticket are costly than e ticket

नई दिल्ली । रेलवे के आरक्षण काउंटर से कागज का टिकट लेने के लिए आपको 40 रुपये अतिरिक्त देने पड़ सकते हैं। रेलवे कागज की खपत को घटाने के लिए यह कदम उठाने जा रहा है।

प्रयास किया जा रहा है कि मार्च से यात्री काउंटर से आरक्षित टिकट बुक करें या ऑनलाइन उन्हें एक एसएमएस के जरिए टिकट उपलब्ध करा दिया जाए। यदि कोई यात्री कागज का टिकट चाहता है तो उससे अतिरिक्त शुल्क लिया जाए।

और पढ़े -   ट्रिपल तलाक असंवैधानिक नहीं, यह मुस्लिम कानून का अहम् हिस्सा: चीफ जस्टिस खेहर

तीन साल में योजना पूरी : रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार अगले तीन वर्षो में रेलवे ने आरक्षण टिकटों को लगभग पेपरलेस करने की योजना बनाई है। इसको ध्यान में रखते हुए पेपर टिकट की मांग को घटाने के लिए कई तरह के उपाय की तैयारी है। रेलवे से पहले कई केंद्रीय मंत्रालय यह पहल शुरू कर चुके हैं।

और पढ़े -   दलाल बन गए बेरोजगार, वे ही कर रहे हल्ला और कह रहे रोजगार नहीं है: पीएम मोदी

यात्रियों को एसएमएस पर टिकट उपलब्ध कराने के लिए तकनीकी तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं। इस व्यवस्था की तकनीकी जांच की जा रही है। फिलहाल काउंटर से टिकट लेने पर यात्रियों को कागज का टिकट दिया जाता है और ऑनलाइन टिकट बुकिंग पर एसएमएस के जरिए यात्रियों को टिकट मिलता है। रास्ते में यात्री को सिर्फ अपना पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य होता है।

और पढ़े -   ओबीसी आरक्षण पर बड़ा फैसला: केंद्र ने क्रीमीलेयर सीमा को 6 लाख से 8 लाख सालाना किया

यात्री जब काउंटर पर टिकट बुक कराएंगे तो टिकट की बुकिंग होते ही उसके पास फॉर्म में भरे नंबर पर एसएमएस आ जाएगा। इस एसएमएस को टिकट के तौर पर प्रस्तुत कर वह यात्रा कर सकता है। पर यदि यात्री कागज वाला टिकट चाहता है तो बुकिंग के दौरान उसे इसकी जानकारी देनी होगी। कागज का टिकट लेने पर उसके लिए अतिरिक्त शुल्क देना होगा।


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE