इजरायल की जेलों में बंद फ़िलिस्तीनी बंदियों की भूख हड़ताल को लेकर संयुक्त राष्ट्र संघ में फ़िलिस्तीन के स्थाई प्रतिनिधि ने दुनिया भर से फ़िलिस्तीनी बंदियों का समर्थन करने को कहा है.

रियाज़ मंसूर ने शनिवार को कहा कि इस्राईल की ग़ैर क़ानूनी नीतियों पर आपत्ति जता कर भूख हड़ताल करने वाले फ़िलिस्तीनी बंदी, शारीरिक समस्याओं का शिकार हो गये हैं और जेल में उन्हें भीषण यातनाएं दी जा रही हैं और उनके साथ मार पीट की जा रही है.

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उनका कहना था कि फ़िलिस्तीनी बंदियों के साथ जेल में हो रहे इस प्रकार के व्यवहार अमानवीय हैं और इसने फ़िलिस्तीनी बंदियों को मानसिक समस्याओं में ग्रस्त कर दिया है.  उन्होंने कहा, ज़ायोनी शासन, फ़िलिस्तीनी बंदियों की क़ानूनी मांगों का उत्तर देने के बजाए, इन बंदियों को आतंकवादी कहता है जबकि यह अतिग्रहण के विरुद्ध संघर्ष कर रहे हैं.

रियाज़ मंसूर ने कहा कि और सीरिया तथा क्षेत्र में इस्राईल द्वारा आतंकवाद का समर्थ किसी से छिपा नहीं है. उन्होंने कहा, कि ज़ायोनी शासन की अमानवीय और साम्राज्यवादी नीतियां अस्वीकार्य हैं और फ़िलिस्तीन राष्ट्र के अधिकारों का खुला हनन है.

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गौरतलब रहें कि दो हज़ार से अधिक फ़िलिस्तीनी बंदियों ने इस्राईली जेलों में बंदियों के अधिकारों के घोर हनन के विरुद्ध भूख हड़ताल आरंभ कर दी है.


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