विदेश सचिव ने पाकिस्तानी उच्चायुक्त अब्दुल बासित को उरी हमले में पाकिस्तान का हाथ होने के सबूत पेश किए। विदेश मंत्रालय ने बासित के सामने उन दो पाकिस्तानी नागरिकों से मिले सबूत पेश किए जो आतंकियों को सीमापार कराते थे। दोनों युवक इस समय भारतीस सेना की हिरासत में हैं और उन्होंने कबूल किया है कि वह अभी तक 12 से 18 आतंकियों को सीमा पार कराने में मदद कर चुके हैं।

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आतंकवादियों को भारत में घुसपैठ करने में मदद करने वाले यासीन खुर्शीद और फैजल हुसैन अवान दोनों ही पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के मुजफ्फराबाद शहर के रहने वाले हैं। यासीन की उम्र 19 साल है और फैजल 20 बरस का है।

विकास स्वरूप ने बताया, ‘शुरुआती जांच से पता चला है कि उड़ी अटैक के दौरान मारे गए एक हमलावर का नाम हाफिज अहमद है। वह मुजफ्फराबाद का रहने वाला है। साजिश को अंजाम देने में मदद करने वाले लोगों की पहचान भी सामने आई है। इनके नाम मोहम्मद कबीर अवान और बशरत हैं।’

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इसके साथ ही भारत ने पाकिस्तान के सामने यह भी साफ कर दिया है कि सीमा पार से होने वाला आतंकवाद पूरी तरह से अस्वीकार्य है।


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