नई दिल्ली | नोट बंदी के एक साल पूरा होने पर विपक्ष और सरकार आमने सामने आ गयी है. जहाँ विपक्ष इस दिन को ‘काला दिवस’ के रूप में मना रही है वही बीजेपी इस दिन को ‘कालाधन विरोधो दिवस’ के रूप में मना रही है. उधर कांग्रेस उपाध्यक्ष ने आज सुबह एक ट्वीट कर नोट बंदी को त्रासदी करार देते हुए कहा की इसने लाखो लोगो की आजीविका और जीवन को नष्ट कर दिया. जबकि पीएमओ ने नोट बंदी से हुए फायदे गिनाते हुए कई ट्वीट किये.

वही पूर्व केन्द्रीय मंत्री शशि थरूर ने एक कदम आगे बढ़ते हुए अपने ट्वीटर अकाउंट की डीपी ही बदल डाली. उन्होंने डीपी को ही ब्लैक कर लिया. इस तरह विपक्ष सोशल मीडिया से लेकर जमीन तक नोट बंदी के फैसले को त्रासदी घोषित करने कोशिश में लगा हुआ है. इसी क्रम में राहुल ने आज ट्वीट किया,’ नोटबंदी एक त्रासदी है. हम लाखों ईमानदार भारतीयों के साथ खड़े हैं, जिनके जीवन और आजीविका को प्रधानमंत्री के विचारहीन फैसले ने नष्ट कर दिया है.’

हालाँकि मोदी सरकार अभी भी नोट बंदी को सफल करार देने की कोशिश में लगी हुई है. इसलिए आज पीएमओ ने कई ट्वीट कर नोट बंदी की उपलब्धियों को गिनाया. उन्होंने अपने पहले ट्वीट में लिखा की यदि नोटबंदी नहीं होती तो अभी चलन में बड़े नोटों का मूल्य 18 लाख करोड़ रुपये यानी मौजूदा स्तर से 50 प्रतिशत अधिक होता. अर्थव्यवस्था में बड़े नोटों की मात्रा कम होने से भ्रष्टाचार तथा आतंकवाद के वित्त पोषण को खत्म करने में मदद मिलती है.

अपने अगले ट्वीट में पीएमओ की और से लिखा गया,’ स साल सितंबर 2017 के अंत तक चलन में बड़े नोटों का मूल्य 12 लाख करोड़ रुपये रहा है. यदि नोटबंदी नहीं हुई होती तो इनका मूल्य 18 लाख करोड़ रुपये होता. चलन में बड़े नोटों के मूल्य में छह लाख करोड़ रुपये की कमी आयी है जो मौजूदा स्तर का 50 प्रतिशत है.’ दुसरे ट्वीट में पीएमओ ने लिखा की नोटबंदी के बाद संगठित क्षेत्र में गरीबों के लिए रोजगार के अवसर पैदा हुए.

इसके अलावा नोट बंदी को एतिहासिक और व्यापक सफल करार देते हुए पीएमओ ने लिखा की देश के इतिहास में सबसे ज्यादा काले धन का पर्दाफाश हुआ है और करीब 16000 करोड़ बैंकों में वापस नहीं लौटे. इसके अलावा पीएमओ ने नोट बंदी को कैशलेस अर्थव्यवस्था के लिए भी जरुरु बताया. उन्होंने लिखा की भारत ने नोटबंदी के दौरान कैशलेस के जरिए स्वच्छ अर्थव्यवस्था की तरफ बड़ी छलांग लगाई.


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