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सुप्रीम कोर्ट द्वारा 500 करोड़ रुपए से अधिक के बकाया बैंक लोन की जानकारी को सार्वजनिक करने का आदेश देते हुए कहा कि केवल 87 लोगों पर सरकारी बैंकों का 85 हजार करोड़ रु बकाया हैं. साथ ही कोर्ट में रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया को इन लोगों के नाम भी सार्वजनिक करने को कहा हैं.

चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की तीन सदस्यीय बेंच ने कहा, “इस अमाउंट को देखिए, अगर हमने 100 करोड़ रुपए बकाया वालों की लिस्ट मांगी होती तो यह आंकड़ा 1 लाख करोड़ के पार होता. क्यों ना हमें इन डिफॉल्टर्स के नाम पब्लिक कर देने चाहिए?

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बेंच ने आगे कहा कि आरबीआई हर साल जानबूझकर बैंक लोन पचाने वालों की सूची जारी करता है. इससे फर्क नहीं पड़ता है कि इन लोगों ने जानबूझ कर बैंक लोन बचाया है या नहीं, हकीकत यह है कि इन पर 500 करोड़ रुपए से अधिक बैंक लोन नहीं चुकता किया है और लोगों को इनके नाम जानने का हक है.”

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साथ ही बेंच ने आरबीआई को लताड़ लगाते हुए कहा कि आरबीआई को बैंको के लिए नहीं, बल्कि देश की भलाई के लिए काम करना चाहिए और इन सबसे बड़े बकायदारों के नाम समाने लाने चाहिए.


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