बैंकों से फसलों के लिए कर्ज की अदायगी से परेशान किसानों को बैंकों से न तो मोहलत मिल रही है, नहीं कोई छुट. जिसके चलते देश के किसान खुदखुशी कर अपनी जीवनलीला समाप्त कर रहे है. वहीँ दूसरी और सिर्फ 12 लोगों ने बैंकों 175,000 करोड़ रु लोन के रूप में दबाया हुआ है.

इन सभी लोगों से लोन की अदायगी होने पर अब भारतीय रिजर्व बैंक ने बैड लोन (भुगतान न किए जाने वाला कर्ज) का रूप देकर उन्हें दिवालिया घोषित करने की कार्रवाई शुरू करने का निर्णय लिया है. इन कर्जदारों पर इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्शी कोड 2016 (आईबीसी) के तहत कार्रवाई होगी.

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रिजर्व बैंक ने बताया, “आईएसी ने दिए गए मानकों के तहत 12 कर्जदारों की पहचान की है जिन पर बैंकों के कुल एनपीए का करीब 25 प्रतिशत उधार है. इन कर्जदारों पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी.” हालांकि रिजर्व बैंक ने इन 12 कर्जदारों के नाम नहीं उजागर किए.

हालांकि ऐसे मामलों की सुनवाई करने वाला नेशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल (एनसीएलटी) प्राथमिकता के आधार पर इन 12 कर्जदारों के मामले का निपटारा करेगा. गौरतलब रहें कि विभिन्न बैंकों का कुल एनपीए या बैड लोन करीब सात लाख करोड़ रुपये का हो चुका है.

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