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बलरामपुर | पिछले कुछ महीनो में गाय और गौरक्षको को लेकर देश में ऐसा माहौल बना दिया गया है की इससे न केवल आम आदमी बल्कि पुलिस भी दहशत में है. यही कारण है इंसानों से ज्यादा अब गाय के बारे में सोचा जा रहा है. राजस्थान के अलवर में एक इंसान को केवल गौतस्करी के शक में मौत के घाट उतार दिया जाता है लेकिन फिर भी राज्य के गृह मंत्री मृतक को ही दोषी ठहरा देते है.

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हालाँकि ऐसा नही है की लोगो के अन्दर गाय को लेकर अचानक से कोई प्यार उमड़ गया. वो केवल कथित गौरक्षको की उस गुंडागर्दी से डरते है जो पिछले कुछ महीनो में सामने आई है. इसलिए आम इंसानों से लेकर पुलिस कर्मियों में यह खौफ बैठा हुआ है. इसकी एक बानगी बलरामपुर में देखने को मिली जहाँ पुलिस की गाडी ने एक गाय को बचाने के चक्कर में चार लोगो को रौंद दिया.

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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बलरामपुर के हरैया कस्बे में स्थानीय निवासी 60 वर्षीय उषा देवी अपनी दो पोतियों के साथ इलाके में टहल रही थी. अचानक से पुलिस की डायल 100 की एक गाडी उनको रौंदकर चली गयी . इसमें उषा देवी के अलावा उसकी दोनों पोतिया और एक अन्य नागरिक घायल हो गए. सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया जहाँ बाद में उषा देवी ने दम तोड़ दिया.

मिली जानकारी के अनुसार डायल 100 की गाडी शहर में किसी शिकायत के सिलसिले में जा रही थी की अचानक से गाडी के सामने एक गाय आ गयी. इसलिए गाय को बचाने के लिए चालक से गाडी अनियंत्रित हो गयी और उषा देवी समेत चार लोगो को रौंद दिया. एसपी अभिषेक सिंह ने मीडिया को बताया की चालक राज कुमार मिश्रा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और एक टीम बनाकर मामले की जाँच की जा रही है.

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