पिछले तक़रीबन 10 दिनों से ‘फ़रार’ चल रहा उमर ख़ालिद अपने 5 दोस्तों के साथ रविवार देर रात जेएनयू कैम्पस न सिर्फ लौट आया है, बल्कि रोहिथ वेमुला के दोषियों को सज़ा दिलाने के लिए कैम्पस के एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक के पास चल रहे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल में भी शामिल हो गया है.

इस मौक़े से आज सोमवार को उनके पिता व वेलफेयर पार्टी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. क़ासिम रसूल इलियास ने जेएनयू कैम्पस में जाकर अपने बेटे उमर ख़ालिद व उसके अन्य दोस्तों से न सिर्फ़ मुलाक़ात की और बल्कि उनके इस लड़ाई का हौसला-अफ़ज़ाई भी किया.

उन्होंने साफ़ तौर पर कहा कि –‘बेटा! तुम्हारे इस लड़ाई में मैं भी साथ हूं. तुम्हें सिर्फ़ जेएनयू ही नहीं, बल्कि पूरे मुल्क के लोगों का शुक्रिया अदा करना चाहिए, जो तुम्हारे इस लड़ाई में मानसिक तौर पर तुम्हारे साथ हैं.’

और पढ़े -   जुनैद हत्याकांड: ईद पर मुस्लिम , काली पट्टी बांधकर पढेंगे नमाज

डॉ. इलियास ने उमर खालिद को यह भी कहा कि –‘बेटा! तुमने जिस हिम्मत का प्रदर्शन किया है, वो आगे भी जारी रहना चाहिए. किसी के भी दबाव में आने की कोई ज़रूरत नहीं है.’

Dr. Qasim Rasool Ilyas

डॉ. क़ासिम रसूल इलियास ने TwoCircles.net से खास बातचीत में कहा कि –‘आगे जेएनयू छात्र संघ व टीचर्स संघ जो फैसला करेगा, उमर उसका हर हाल में पालन करेगा. वो तो आत्मसमर्पण के लिए ही बैठा है, पुलिस जब चाहे सबूत के साथ गिरफ़्तार कर लें.’

उन्होंने दिल्ली के पुलिस कमिश्नर बी.एस. बस्सी के उस बयान की भी निन्दा की, जिसमें उन्होंने कहा है कि –‘अगर वे निर्दोष हैं तो उन्हें इसका साक्ष्य पेश करना चाहिए.’

डॉ. इलियास का कहना है कि बस्सी साहब को यह बयान देने के बजाए, जेएनयू के छात्रों के दोषी होने के सबूत पेश करना चाहिए.

और पढ़े -   जुनैद के संदिग्ध हत्यारों की CCTV फुटेज आई सामने, परिजनों को दिखाई गई तस्वीरें

इधर उमर खालिद का भी कहना है कि –‘आगे का सारा फैसला जेएनयू के छात्र व टीचर्स ही मिलकर करेंगे. मैं खुद कोई फैसला अपने लिए नहीं करूंगा.’

डॉ. इलियास उमर खालिद व उसके दोस्तों से मुलाक़ात के बाद जेएनयू टीचर्स एसोसियशन के कई टीचरों से भी मुलाक़ात की. टीचरों ने भी उन्हें यह भरोसा दिलाया कि उमर खालिद अब सिर्फ आपका ही बच्चा नहीं है, बल्कि हम सब भी उसके गार्जियन हैं. उसके साथ किसी भी तरह की नाइंसाफ़ी नहीं होंगे देंगे.

स्पष्ट रहे कि उमर खालिद पर ‘राजद्रोह’ का आरोप लगाया गया है. आरोप है कि उसने जेएनयू में अफ़ज़ल गुरू की याद में ‘शहीदी दिवस’ मनाते हुए ‘भारत विरोधी’ नारे लगाएं. पुलिस 11 फ़रवरी से उमर खालिद की तलाश में थी.

और पढ़े -   मुस्लिमो पर हो रहे लगातार हमलो से आहत, शबनम हाशमी के अवार्ड वापसी पर भडके परेश रावल

लेकिन उसके पिता उमर खालिद को निर्दोष बताते हैं. वो पूरी ज़िम्मेदारी के साथ उमर का पक्ष रखते हुए बताते हैं कि –‘इस बात की खोज होनी चाहिए कि नारे किसने लगाएं? जो लड़का भारत के आम आदमी की लड़ाई लड़ रहा हो. देश के किसानों, दलितों और आदिवासियों की लड़ाई लड़ रहा हो. जिसकी पूरी ज़िन्दगी जंतर-मंतर पर शोषित वर्ग के अधिकारों के संघर्ष में गुज़र गई हो. जो भारत के आदिवासियों पर पीएचडी कर रहा हो. जिसे विदेशों से पढ़ने का ऑफर मिल रहा हो, लेकिन जिसने विदेशी स्कॉलरशिप को ठुकरा कर अपने देश में रहना पसंद किया हो, वो लड़का देशद्रोही कैसे हो सकता है.’


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE