नई दिल्ली | 8 नवम्बर 2016 को रात 8 बजे अचानक से खबर आई की प्रधानमंत्री मोदी देश को संबोधित करने वाले है. ज्यादातर लोगो को लगा की मोदी जी पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध की घोषणा करने वाले है. लेकिन ऐसा नही हुआ. मोदी ने जंग का एलान तो किया लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ नही बल्कि आतंकवाद, काला धन , नकली नोटों के खिलाफ. मोदी ने नोट बंदी का ऐलान करते हुए पुराने 500 और 1000 के नोट बंद कर दिए.

तब मोदी सरकार ने इसे आतंकवाद और कालाधन समाप्त करने के लिए मास्टर स्ट्रोक बताया. लेकिन साथ महीने बाद वो बाते , जुमलो के अलावा कुछ नही निकले. न आतंकवाद समाप्त हुआ और न कालाधन. यहाँ तक की सरकार फ़िलहाल यह बताने की हालत में नही है की हमारे बैंकिंग सिस्टम में कितना पैसा वापिस आया. बरहाल अगर पुराने नोटों की बात करे तो सरकार ने कानून बनाकर पुराने नोट रखने को अपराध की श्रेणी में डाल दिया है.

मलतब साफ़ है की अगर किसी भी शख्स के पास पुराने नोट पकडे जायेंगे तो इस अपराध माना जायेगा और उस पर मुकदमा चलाया जायेगा. हालाँकि नोट बंदी हुए सात महीने हो चुके है लेकिन अभी भी लोगो के पास से पुराने नोट बरामद हो रहे है. हालाँकि ज्यादातर लोगो ने पुराने नोटों को बैंकों में जमा करा दिया है लेकिन अगर अब भी किसी के पास एक या दो नोट बचे है और वो किसी खास सीरीज के नोट है तो वो आपको लखपति बना सकते है.

जी हाँ, चाहे सरकार लाख दावे करे की पुराने नोट रखा अपराध है लेकिन ईकॉमर्स वेबसाइट ईबे पर पुराने 500 धड़ल्ले से बिक रहे है. यहाँ तक की लोग एक एक नोट की कीमत 75 लाख रूपए तक देने को भी तैयार है. ये सभी नोट खास सीरीज के है और नीलामी के लिए वेबसाइट पर रखे गए है. वेबसाइट पर 786 सीरीज वाले नोटों का ज्यादा क्रेज है. ऑक्शन में कुछ लोग इस सीरीज के नोट को 75 लाख रूपए तक में खरीदने के लिए तैयार है.


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