उत्‍तर प्रदेश के शामली में मुस्लिम व्‍यक्ति के चेहरे पर कालिख पोतकर बाजार में घुमाने के आरोपी बजरंग दल नेता विवेक प्रेमी पर लगे राष्‍ट्रीय सुरक्षा कानून(एनएसए) को केन्‍द्र सरकार ने हटाने का निर्णय लिया है। प्रेमी जून 2015 से जेल में बंद है और केन्‍द्र के इस फैसले से उसके जेल से बाहर आने का रास्‍ता खुल गया है। जेल से बाहर आने के लिए जमानत अर्जी दायर करनी होगी। एनएसए हटाने के आदेश को केन्‍द्रीय गृह मंत्रालय ने उत्‍तर प्रदेश के सचिव(गृह) को 31 दिसंबर को रेडियोग्राम के जरिए भेजा था। इसके साथ ही आदेश की कॉपी शामली जिला मजिस्‍ट्रेट, मुजफ्फरनगर जिला जेल के सुपरिटेंडेंट और विवेक प्रेमी को भी भेजी जा चुकी है। विवेक प्रेमी के पिता मनोज ने बताया कि एनएसए हट चुका है और अब वे जमानत के लिए अर्जी दाखिल करेंगे।

इससे पहले जिला प्रशासन ने प्रेमी पर यह कहते हुए एनएसए लगाया था कि उसके चलते शहर में साम्‍प्रदायिक तनाव उत्‍पन्‍न हुआ। प्रेमी के कथित तौर पर मुस्लिम व्‍यक्ति को पीटने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। प्रेमी और उसके साथियों ने दावा किया था कि उन्‍होंने 42 साल के मोहम्‍मद रियाज को 25 जून को आदर्श मंडी एरिया से गौशाला से चुराए एक बछड़े के साथ पकड़ा था। उनका आरोप था कि रियाज बछड़े को कत्‍लखाने ले जा रहा था। रियाज को बाद में पुलिस को सौंप दिया गया था और कोर्ट ने उसे चोरी और जानवरों पर निर्दयता के मामले में जेल भेज दिया था। रियाज को जेल भेजे जाने के चार दिन बाद प्रेमी और बजरंग दल के पांच और नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।

30 जून को प्रेमी और अन्‍य आरोपियों को दंगा फैलाने और इसी तरह के अन्‍य आरोपों में गिरफ्तार कर लिया गया था। 10 जुलाई को शामली जिला प्रशासन ने प्रेमी पर एनएसए लगाया था जिसे यूपी सरकार ने 16 जुलाई को मंजूरी दे दी थी। इसके बाद प्रेमी ने गृह मंत्रालय से अपने ऊपर लगे एनएसए को हटाने के लिए अपील की थी। साभार: जनसत्ता


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