लखनऊ  फूड सेफ्टी ऐंड ड्रग ऐडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट (एफएसडीए) ने बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद में बने आंवला मुरब्बा के एक-एक किलो के दो डिब्बे अपने कब्जे में ले लिए। इन डिब्बों पर मैन्युफैक्चरिंग डेट 20 अक्टूबर 2016 (जो अभी आया ही नहीं, आज रविवार है और तिथि 6 मार्च 2016) जबकि इक्सपायरी डेट 19 अक्टूबर 2017 अंकित है। मजेदार बात तो यह है कि मुरब्बा के ये सैंपल मार्केट में बिक्री के लिए भी पहुंच गए। इन्हें कल्याणपुर रिंग रोड स्थित एक खुदरा दुकान से उठाया गया है।

मुरब्बा अभी बना  भी नहीं और दुकानों में पहुंच गया डब्बाएफएसडीए अधिकारियों ने कहा कि चूंकि यह प्रॉडक्ट एक आयुर्वेदिक दवाई है, इसलिए इसे फूड प्रॉडक्ट की कैटिगरी में नहीं रखा जा सकता। बेचे गए फूड प्रॉडक्ट्स की क्वॉलिटी का पता लगाने के लिए शहर की पांच अलग-अलग दुकानों से नमूने लिए गए। जिन प्रॉडक्ट्स के सैंपल लिए गए हैं, उनमें सोनपापड़ी, गाय के दूध से निर्मित घी और हल्दी पाउडर शामिल हैं।

उत्तर प्रदेश आयुर्वेद निदेशालय में ड्रग इंस्पेक्टर (हेडक्वॉर्टर) डॉ. शिव कुमार वर्मा ने बताया, ‘प्रॉडक्ट के बारे में गलत सूचना देना ड्रग और कॉस्मेटिक ऐक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन है।’ उन्होंने कहा कि कब्जे में लिए गए नमूने जांच के लिए लैबरेटरी भेजे जा रहे हैं। साथ ही इसकी सूचना आयुर्वेदिक सर्विसेज, उत्तराखंड (देहरादून) को भी दे दी गई है। (NBT)


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