amrt

भारत रत्न और नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लिए गए नोटबंदी के फैसले की आलोचना करते हुए इसे मोदी सरकार की निरंकुशता से जुड़ा फैसला बताया हैं.

डियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक अमर्त्य सेन ने कहा, ‘लोगों को अचानक बताया गया कि उनकी करेंसी अब काम की नहीं है, उसका इस्तेमाल वो अब नहीं कर सकते हैं. यह अधिनायकवाद जैसा है। सरकार इसे कथित तौर पर जायज ठहरा रही है.

और पढ़े -   449 निजी स्कूलों को टेकओवर करने की तैयारी में केजरीवाल सरकार

नोटबंदी से लोगों को हो रही मुश्किलों पर उन्होंने कहा, “केवल एक अधिनायकवादी सरकार ही चुपचाप लोगों को इस संकट में झेलने के लिए छोड़ सकती है. आज लाखों निर्दोष लोगों को अपने पैसे से वंचित किया जा रहा है और अपने स्वयं के पैसे वापस लाने की कोशिश में उन्हें पीड़ा, असुविधा और अपमान सहना पड़ रहा है.

विदेशों में जमा काले धन को वापस भारत लाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि ‘सरकार ने विदेशों में पड़े काला धन भारत वापस लाने और सभी भारतीयों को देने का वादा किया था और फिर सरकार उस वादे को पूरा करने में असफल रही’

और पढ़े -   गोरखपुर का बीआरडी मेडिकल कॉलेज छावनी में तब्दील, आज एक और बच्चे की मौत के बाद मृतको को संख्या 63 पार

सेन ने कहा, जो लोग काला धन रखते हैं उन पर इसका कोई खास असर पड़ने वाला नहीं है लेकिन आम निर्दोष लोगों को नाहक परेशानी उठानी पड़ रही है


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE