नई दिल्ली | देश में लोगो की परेशानियों को आधार बनाकर अपना बिज़नस आगे बढ़ा रहे बाबाओ के खिलाफ उच्च न्यायलय ने सख्त रुख अपनाया है. कोर्ट ने ऐसे बाबाओ के कार्यक्रम का प्रसारण कर रहे चैनलों पर भी कार्यवाही के निर्देश दिए है. अदालत ने यह आदेश विभिन्न चैनलों पर प्रसारित होने वाले निर्मल बाबा के कार्यक्रम के लिए जारी किया है.

दरअसल 2012 में वकील के सरन ने उच्च न्यायालय में एक याचिका दाखिल कर उन सभी चैनलों के ऊपर कार्यवाही करने की मांग की थी जिन पर निर्मल बाबा के कार्यक्रम का प्रसारण होता है. इस याचिका में के सरन ने आरोप लगाया था की निर्मल बाबा अपने कार्यक्रम के तहत लोगो में अन्धविश्वास को बढ़ावा दे रहे है. अब इसी याचिका पर कोर्ट ने सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है.

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न्यायमूर्ति ए पी साही और न्यायमूर्ति संजय हरकौली की पीठ ने सुनवाई करते हुए सम्बंधित मंत्रालयों को दिशा निर्देश जारी किया. अपने आदेश में अदालत ने कहा की मंत्रालय यह देखे की विभिन्न चैनलों पर प्रसारित होने वाले निर्मल बाबा के कार्यक्रम के जरिये कही अन्धविश्वास को तो बढ़ावा नही मिल रहा है. अगर यह सच है तो मंत्रालय ऐसे चैनलों के खिलाफ केबल टेलीविज़न नेटवर्क नियम के तहत कार्यवाही कर सकता है.

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कोर्ट में सुनवाई के दौरान मंत्रालय ने अपनी सफाई में कहा की हमने खुद ही निर्मल बाबा के कार्यक्रम के सिलसिले में प्रसारणकर्ताओं की संस्था से शिकायत की थी. हालाँकि अभी तक इस शिकायत पर कोई कार्यवाही नही हुई है. इसलिए अदालत ने भी जानना चाहा की आप बताइये की उस शिकायत पर क्या कार्यवाही हुई है. बताते चले की ज्यादातर न्यूज़ चैनल पर सुबह और दोपहर के समय निर्मल बाबा के कार्यक्रम का प्रसारण होता है.

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