राष्‍ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के अधिकारी तंजील अहमद ने बहुत कम समय में ही इन्वेस्टिगेशन में महारत हासिल कर ली थी। वह बड़े से बड़े आतंकी संगठन के कोडवर्ड को आसानी से ट्रेस कर लेते थे। बता दें कि अहमद की रविवार को बिजनौर में हत्‍या कर दी गई थी। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्‍हें दो दर्जन से अधिक गोलियां मारी गई थीं।

एनआईए अफसर की दिल्ली में अंत्येष्टि हुई

उनके साथ हाल में ही आईएसआईएस के संदिग्धों को पकड़ने में शामिल रहे दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल के अलावा यूपी एसटीएफ के एक अफसर ने बताया कि वह उर्दू के बेहतर जानकार थे। इसके अलावा, वह सर्विलांस में भी माहिर थे। आतंकियों के बीच होने वाली बातचीत को आसानी से समझ लेते थे। यही वजह है कि उनकी गिनती एनआईए के सबसे तेजतर्रार अफसरों में होने लगी थी।

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हमलावर हो सकते हैं आतंकी: एटीएस से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि जिस तरह से उन पर अंधाधुंध फायरिंग हुई और निशाने पर सिर्फ वही थे, इससे लग रहा है कि हमलावर आतंकी हो सकते हैं। इसके अलावा, हाल में ही आतंकी संगठनों ने पुलिस को कोड वर्ड में ‘मामू’ कहते हुए मारने की धमकी भी दी थी। ऐसे में आतंकियों के शामिल होने की आशंका बढ़ जाती है।

150 मीटर दूर थी पुलिस चौकी: घटनास्थल से महज 150 मीटर पर पुलिस चौकी थी, लेकिन उन्हें भनक तक नहीं लगी। फायरिंग वाली जगह से कुछ दूरी पर कई घर हैं। इनमें रहने वाले एक शख्स ने इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी। इसके करीब आधे घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी। इस बारे में आईजी विजय मीणा ने बताया कि लापरवाही की भी जांच की जा रही है। (NBT)

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