मालेगांव ब्लास्ट मामले की जाँच करने वाली राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को साध्वी प्रज्ञा को बरी करने पर कोई आपत्ति नहीं है.

शुक्रवार को मुंबई की विशेष अदालत में एनआईए के विशेष अभियोजक अविनाश रसाल ने कहा, ‘हमने उन्हें बरी किए जाने की याचिका पर आपत्ति नहीं जताई है और आरोपपत्र में हमने कहा है कि उनके खिलाफ अभियोजन योग्य साक्ष्य नहीं हैं.’

दरअसल साध्वी प्रज्ञा ने इस महीने की शुरूआत में अदालत का दरवाजा खटखटाकर मालेगांव विस्फोट मामले में बरी किए जाने की मांग की थी. उन्होंने कहा कि अदालत 29 मई को मामले की सुनवाई कर सकती है. इसके पहले 25 अप्रैल को बंबई उच्च न्यायालय ने उन्हें जमानत देते हुए कहा था कि प्रथमदृष्ट्या उनके खिलाफ मामला नहीं बनता है.

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पिछले वर्ष दायर आरोपपत्र में एनआईए ने मामले में साध्वी और पांच अन्य के खिलाफ सभी आरोप हटा दिए थे जबकि मकोका के तहत आरोप लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित सहित सभी दस आरोपियों पर से हटा लिए गए थे. एजेंसी ने कहा था कि जांच के दौरान साध्वी और पांच अन्य के खिलाफ ‘‘पर्याप्त साक्ष्य पाए गए थे.


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