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सलाफी स्कॉलर जाकिर नाईक की एनजीओ इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन मुंबई पुलिस ने शुरू किये गये FCRA के केस को बंद कर दिया हैं. धोखेबाजी के इस केस में मुंबई पुलिस को जाकिर नाईक के खिलाफ कोई शिकायत नहीं मिलने के कारण मजबूरन ये केस बंद करना पड़ा हैं.

राज्य के गृह विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस बारे में कहा कि “हमें अनियमितताओं की जांच करने के लिए, शिकायत की आवश्यकता होती है. आईआरएफ मामले में 60 करोड़ रुपये का दान शक के घेरे में हैं. लेकिन इस बारे में कोई शिकायत करने नहीं आया. शिकायत के अभाव में इस केस को बंद करने का फैसला किया गया हैं.

जांच से पता चला है कि कथित तौर पर करीब 60 करोड़ रुपये नाइक की पत्नी, बच्चों और अन्य रिश्तेदारों को भेजा गया गया था. यह राशि मध्य पूर्व के देशों से जाकिर के किसी रिश्तेदार ने भेजी थी. जांच के दौरान मध्य पूर्वी देशों के एक स्थानीय बैंक खाते, से 50-60 करोड़ रुपये स्थानांतरित किया गया था. इस खाते को कथित तौर पर नाइक के के करीबी रिश्तेदार का था. जब गहरी जांच की गई, तो पता चला है कि यह धन बाद में नाइक की पत्नी, उनके बच्चों और उनके करीबी रिश्तेदारों तक के कुछ के खातों में स्थानांतरित कर दिया गया.

गौरतलब रहें कि जुलाई के महीने में  बांग्लादेश की राजधानी ढाका में हुए आतंकी हमले के बाद जाकिर नाईक विवादों में आये थे.


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