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हरियाणा के मुस्लिम बहुल इलाके मेंवात के डिंगरहेड़ी गांव में मुस्लिम लड़कियों के साथ हुए गैंगरेप और दो परिजनों के मर्डर के सबंध में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग की रिपोर्ट में आरोपियों के गौरक्षक होने का खुलासा हुआ हैं.

प्राप्त जानकारी के अनुसार आयोग ने इस घटना के पीछे गौरक्षकों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि  गौरक्षकों के आतंक से मेवात और उसके आसपास रहने वाले मुस्लिम परिवार दहशत में रहते हैं. याद रहें कि आयोग के अध्यक्ष नसीम अहमद और सदस्य प्रवीण डावर की टीम ने कूछ दिन पहलेही गांव का दौरा किया था.

NCM Report Mewat Gang Rape

आयोग की और से हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को भी भेजी गई रिपोर्ट में कहा गया कि “इस घटना से इलाके के लोग डरे हुए हैं. घटना को लेकर मुस्लिम समुदाय में गुस्सा है. ये गुस्सा आरोपियों के गोरक्षक होने से है. आयोग ने आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की हैं”

रिपोर्ट में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाये गए हैं. रिपोर्ट में कहा गया कि गैंगरेप से पहले आरोपियों ने इस वारदात को अंजाम देने के पीछे अपना मकसद बताते हुए कहा था कि गोमांस (बीफ) खाने की वजह से वारदात को अंजाम दिया गया लेकिन पुलिस ने सीआरपीसी में 164 के तहत बयान दर्ज कराते वक्त छोड़ दिया गया कि अभियुक्त गोरक्षक थे.

NCM Report Mewat Gang Rape2

इसके अलावा आयोग ने कानून-व्यवस्था को राज्य का विषय बताते हुए सरकार को सलाह देते हुए कहा कि  इलाके में सांप्रदायिक सौहार्द बढ़ाने के लिए कदम उठाए जाएं और इलाके के लोगों का पुलिस की कार्यप्रणाली में भरोसा बहाल हो सके.”

 


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