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देहरादून | उत्तराखंड में गैरसैण को राजधानी बनाने के लिए काफी दिनों से आन्दोलन चल रहा है. लोगो की भावनाओ को देखते हुए प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने गैरसैण में हर वर्ष एक बार विधानसभा सत्र आहूत करने का फैसला किया था. मुख्यमंत्री हरीश रावत ने जम्मू कश्मीर की तरह ही उत्तराखंड की राजधानी सर्दियों में गैरसैण करने की घोषणा की थी.

सरकार की घोषणा के बाद , गैरसैण में विधानसभा भवन बनाने का काम शुरू हो चूका है. इसके लिए सरकार ने 105 करोड़ रूपए आवंटित किये गए थे. विधानसभा भवन का निर्माण करने का कॉन्ट्रैक्ट नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन (एनबीसीसी) को दिया गया. अब खबर है की एनबीसीसी ने भवन निर्माण की लागत मूल्य में 63 करोड़ रूपए की बढ़ोतरी कर दी है.

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राज्य योजना आयोग की रिपोर्ट अनुसार कम्पनी ने भवन निर्माण में लगने वाली लगात को मनमानी करके 105.02 करोड़ से बढाकर 168 .02 रूपए कर दिया है. इस खबर के बाहर आते ही खलबली मच गयी. राज्य योजना आयोग के मुताबिक कंपनी ने बिना अनुमति के और बिना कोई कागजात दिखाए लागत रकम को बढ़ा दिया. इसके लिए उन्होंने कोई मंजूरी नही ली.

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नियमानुसार लागत मुल्य से दस फीसदी रकम को बिना अनुमति बढ़ाया जा सकता है लेकिन इससे ऊपर रकम को बढाने के लिए शासन से अनुमति लेनी पड़ती है. एनबीसीसी ने बिना किसी अनुमति के विधानसभा भवन पर अतिरिक्त रकम क्यों खर्च की और अगर खर्च हुआ भी है तो उससे सम्बंधित व्यय कागजात क्यों नही दिखाए जा रहे है, यह जांच का विषय है.

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इस मामले पर बोलते हुए मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह ने कहा की मामले की जांच करने के लिए कमिटी का गठन किया गया है. मामले की रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है. फ़िलहाल हम इस बात पर विचार कर रहे है की आगे होने वाले काम में जो खर्च आएगा वो कैसे कम किया जाए.


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