नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी दलों ने निर्णय किया है कि वे जेएनयू और हैदराबाद विश्वविद्यालय विवाद पर कांग्रेस और वामदलों को संसद में आक्रामक तरीके से जवाब देंगी। बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के ऐसा करने से टकराव के लिए एक आधार तैयार हो गया क्योंकि इन मुद्दों पर आज राज्यसभा में चर्चा होनी है। बीजेपी प्रमुख अमित शाह ने पार्टी के राष्ट्रवादी रुख का समर्थन करते हुए संसदीय दल कार्यकारणी के सदस्यों को जेएनयू मामले की जानकारी से अवगत कराने का नेतृत्व किया।

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जेएनयू-रोहित के मुद्दे पर संसद में आक्रामक रहेगी एनडीए

जानकारी मुहैया कराने में यह भी शामिल था कि एनडीए सदस्यों को अपनी दलील को मजबूती प्रदान करने के लिए घटनाओं को किस तरह से उठाना चाहिए जिसमें करगिल युद्ध के बाद जेएनयू में सैन्य अधिकारियों पर होने वाला कथित हमला भी शामिल है। सूत्रों ने कहा कि जेएनयू मामले में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर देशद्रोहियों का समर्थन करने का आरोप लगाने वाले शाह ने परिसर के घटनाक्रम का ब्योरा दिया और इस बारे में बताया कि आरोपी छात्रों ने किसी तरह से किसी अन्य दिन एक दूसरा वीडियो शूट करके स्वयं को बेगुनाह पेश करने का प्रयास किया।

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सू़त्रों ने कहा कि वित्त मंत्री अरूण जेटली ने राजद्रोह के मामले का बचाव किया और कहा कि उच्चतम न्यायालय के फैसले में कहा गया है कि भारत के बंटवारे का आह्वान करने वाली नारेबाजी के लिए यह आरोप लगाया जा सकता है। उन्होंने यह बातें बीजेपी संसदीय दल कार्यकारिणी की बैठक में कही जो एनडीए बैठक से पहले हुई। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए और उन्होंने अपनी पार्टी और सहयोगी दलों के नेताओं को मुद्दों पर सरकार के स्पष्ट रुख के बारे में बताया। (ibnlive)

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