नई दिल्ली | एनसीईआरटी ने अपनी किताबो में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है. सीबीएसई के कुछ बिन्दुओ पर विचार करते हुए एनसीईआरटी ने उनको अपनाने का फैसला किया. नए बदलावों को इस साल के अंत तक किताबो में लागु कर दिया जायेगा. सीबीएसई ने गुजरात दंगो पर अपनी राय रखते हुए इसमें बदलाव करने की सलाह दी थी जिसको मान लिया गया है.

हिन्दुस्तान टाइम्स की खबर अनुसार 11 मई को एनसीइआरटी और सीबीएसई के कुछ अधिकारियो की एक मीटिंग हुई थी. इस मीटिंग में किताबो में बदलाव को लेकर चर्चा हुई. रिव्यु मीटिंग में कुछ प्राइवेट स्कूल के टीचर भी मौजूद थे. बैठक के दौरान सीबीएसई की किताबो में गुजरात दंगो को लेकर बदलाव करने पर सहमती बनी. एक किताब में एंटी मुस्लिम दंगे शीर्षक को बदलकर गुजरात दंगे करने का फैसला लिया गया.

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एनसीईआरटी के एक अधिकारी ने बताया की सीबीएसई की अधिकारियो ने जो जो पॉइंट बताये वो स्वीकार कर लिए गए है. दरअसल एक किताब में ‘पॉलिटिक्स इन इंडिया सिन्स इंडिपेंडेन्स’ नाम के शीर्षक के अंतर्गत गुजरात दंगो को एंटी मुस्लिम दंगे का नाम दिया गया है. इसमें बताया गया की 2002 में फरवरी के अंत में गुजरात में दंगे हुए जिसमे सैंकड़ो लोग मारे गए. मरने वालो में 800 मुस्लिम और करीब 250 हिन्दू शामिल थे.

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उम्मीद है की एनसीईआरटी के इस फैसले का विपक्ष विरोध कर सकता है. विपक्ष पहले से आरोप लगाता आया है की मोदी सरकार शिक्षा का भगवाकरण करने का प्रयास कर रहा है. चूँकि गुजरात दंगे मोदी के मुख्यमंत्री रहते हुए थे इसलिए यह भी माना जा रहा है की किताबो में यह बदलाव मोदी सरकार के कहने पर किया जा रहा है. उधर एनसीइआरटी ने यह भी बताया की वो कुछ और किताबो में भी बदलाव करने पर विचार कर रहा है.

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