एनसीबीसी के एक वरिष्ठ सदस्य ने कहा कि सरकारी क्षेत्र में बहुत कम मौके रह गए हैं और इसलिए इस श्रेणी के लोगों को नौकरियां मुहैया कराने के लिए निजी क्षेत्र का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (एनसीबीसी) ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के उम्मीदवारों के लिए निजी क्षेत्र की नौकरियों में 27 फीसदी आरक्षण की सिफारिश की है। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के तहत काम करने वाली वैधानिक संस्था एनसीबीसी ने सिफारिश की है कि एक कानून पारित किया जाए जिसके तहत व्यापारिक संस्थानों, अस्पतालों, ट्रस्टों सहित अन्य निजी संस्थाओं में ओबीसी उम्मीदवारों के लिए 27 फीसदी आरक्षण का प्रावधान किया जाए।

और पढ़े -   बीआरडी अस्पताल में मौत की भेंट चढ़े बच्चो के परिजनो ने सुनाई आपबीती, अस्पताल प्रशासन पर उठाये सवाल

आयोग ने इस बाबत मंत्रालय और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) को पत्र लिखा है। इस पर टिप्पणी करते हुए सामाजिक न्याय मंत्री थावर चंद गहलोत ने कहा, ‘‘एक आधिकारिक समिति का गठन कर दिया गया है। समिति उद्योगपतियों एवं कॉरपोरेट क्षेत्र के शीर्ष अधिकारियों से विचार-विमर्श कर रही है कि इस पर क्या किया जा सकता है।’’

गहलोत ने कहा, ‘‘मुद्दे पर चर्चा करने के लिए समिति की बैठक समय-समय पर होती रहती है, लेकिन लगता है कि इसके लिए ऐसा माहौल बन नहीं रहा। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति को लेकर भी यही मुद्दा है और इस पर काफी लंबे समय से चर्चा चल रही है। संबंधित क्षेत्र की सहमति के बगैर ऐसी सिफारिशें लागू करना मुश्किल है।’’

और पढ़े -   जस्टिस खेहरः अग्रेज़ों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने वाले अब्दुल्लाह और शेर अली अफरीदी का नाम सुना

एनसीबीसी के एक वरिष्ठ सदस्य ने कहा कि सरकारी क्षेत्र में बहुत कम मौके रह गए हैं और इसलिए इस श्रेणी के लोगों को नौकरियां मुहैया कराने के लिए निजी क्षेत्र का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। (जनसत्ता)


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE