उत्तरप्रदेश में योगी सरकार द्वारा स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रदेश में सभी मदरसों में ज़बरदस्ती राष्ट्रगान गाने और वीडियोग्राफी कराने के आदेश का विरोध शुरू हो गया है. दरगाह-ए-आला-हज़रत ने सरकार के इस कदम की विरोध किया है उनका कहना है की हमारा समाज शुरू से ही देशभक्त रहा है और आज़ादी की लड़ाई में मुसलमानों का योगदान किसी से छुपा नही है और देश का संविधान प्रत्येक नागरिक को उसके धर्म का अनुपालन करने की पूरी आज़ादी देता है ऐसे में किसी धर्म पर मज़बूरी में कोई ऐसा कार्य नही करवाया जा सकता जो उसके धर्म के अनुरूप ना हो. उन्होंने आगे बताया की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की इजाज़त इस्लाम नही देता तथा देश का संविधान किसी भी मज़हब वाले को इजाज़त नही देता की वो दुसरे मज़हब वालो से कोई काम जबरन

और पढ़े -   मुस्लिम महिला एंकर ने व्यक्त की देश के हालात पर चिंता, लोगो ने पति को भी बीच में घसीटा

बरेली के शहर काजी मौलाना असजद खान ने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा, ‘रविंद्रनाथ टैगोर ने राष्ट्रगान ब्रिटिश राजा जॉर्ज पंचन की तारीफ़ में लिखा था. उन्होंने कहा कि इस्लाम में ‘अधिनायक’ केवल अल्लाह है किंग जॉर्ज नहीं. हम राष्ट्रगान का अपमान नहीं करते हैं लेकिन अपनी धार्मिक भावनाओं के चलते इसे नहीं गा सकते. खुद राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह भी राष्ट्रगान पर आपत्ति जता चुके है.’

और पढ़े -   शिवराज में जंगलराज, बंधुआ मजदूरी से मना करने पर दलित महिला की काटी गयी नाक

IMG-20170813-WA0000

काजी खान ने कहा कि शरीयत के मुताबिक फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी गैर-इस्लामिक है. योगी सरकार के आदेश को लेकर उन्होंने कहा कि वह हमें मदरसों में ही शरियत कानून की अवहेलना करने के लिए कह रहे हैं. उन्होंने मदरसों से अपील की है कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर वे झंडा फहराएं, सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान गाएं और स्वतंत्रता सेनानियों को याद करें.


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE