संघ परिवार हमेशा से दावा करता आया हैं कि महात्मा गांधी के कातिल नाथूराम गोडसे ने गांधी की हत्या से पहले ही आरएसएस छोड़ दी थी. लेकिन अब संघ परिवार के इस दावे की खुद गोडसे के परिवार ने हवा निकाल दी हैं.

नाथूराम गोडसे के परिवार ने दावा किया कि RSS चाहे जो भी कहे लेकिन वह संघ का कट्टर सदस्य था. नाथूराम गोडसे और वीर सावारकर के परपोते सतयाकी सावारकर ने बताया कि हमारे परिवार के पास उनके कई ऐसे लेख मौजूद हैं जो इस बात की पुष्टि करते हैं कि वो आरएसएस के समर्पित कार्यकर्ता थे.

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सतयाकी के अनुसार गोडसे ने वर्ष 1932 में सांगली में आरएसएस की सदस्‍यता ली थी और मरते दम तक नाथूराम गोडसे बौद्धिक कार्यवाह के पद पर बने रहे. गोडसे ने वर्ष 1942 में विजयदशमी के दिन हिंदू राष्‍ट्र दल की स्‍थापना की थी. बाद में देश विभाजन के मुद्दे पर उन्‍होंने वर्ष 1946 में इस पद से इस्‍तीफा दे दिया था.

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इससे पहले 1994 में एक इंटरव्‍यू के दौरान नाथूराम गोडसे के छोटे भाई गोपाल गोडसे ने स्‍वीकार किया था कि वो तीनों भाई नाथूराम, दत्‍तात्रेय और गोपाल तीनों ने कभी भी आरएसएस नहीं छोड़ा था.

गौरतलब रहें कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाँधी द्वारा गाँधी की हत्या को आरएसएस से जोड़ने पर उनको मानहानि मुक़दमे का सामना करना पड़ रहा हैं.

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