इन दिनों गुजरात में सियासी घमासान मचा हुआ है। मामला गुजरात में बोर्ड की परीक्षाओं को लेकर है। यहां क्लास 10th और 12th के छात्रों को ‘नमो पेन’ दिया गया है। पेन की खासियत है कि इसमें पीएम मोदी की तस्वीर और बीजेपी के चुनाव चिन्ह ‘कमल’ के साथ ‘आई लव मोदी’ लिखा है। छात्रों को बोर्ड की परीक्षाओं में लिखने के लिए यह पेन एक प्राइवेट फर्म की तरफ से बतौर गिफ्ट किया है। 8 मार्च से गुजरात में बोर्ड की परीक्षाएं शुरू हो गई हैं।

Namo pen distributed in exams

अहमदाबाद के एक स्कूल प्रिंसिपल ने बताया कि हमें नमो पेन के 5 से 10 पैकेट मिले। हर पैकेट में पांच पेन हैं। सभी पेन के साथ एक चिट्ठी भी है। जिसमें दावा किया गया है कि पेन छात्रों को कंपनी की तरफ तोहफा है। चिट्ठी में यह भी लिखा है कि इस तोहफे को देने के लिए गुजरात सेकेंड्री और हायर सेकेंड्री शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन आरजे शाह, डिप्टी चेयरमैन आरआर ठक्कर से इजाजत ली गई है।

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हालांकि इस कदम की आलोचना सिर्फ विपक्षी कांग्रेस पार्टी के सदस्य ही नहीं कर रहे हैं। स्कूल प्रशासन भी इसके खिलाफ आपत्ति दर्ज कर रहे हैं। अहमदाबाद के एक स्कूल प्रिंसिपल ने कहा, ‘इससे पहले कभी परीक्षाओं को भी राजनीतिक रंग देने की कोशिश नहीं हुई थी। पेन के साथ पार्टी की भी बड़ी तस्वीर पैकेट पर लगी है।’

कांग्रेस प्रवक्ता मनीष दोशी ने कहा कि स्कूलों में 50 हजार से अधिक शिक्षकों की पोस्ट खाली पड़ी हुई है। बच्चों को अच्छी शिक्षा देने की जगह शिक्षा व्यवस्था को ही राजनीतिक रंग देने की कोशिश हो रही है। बीजेपी शिक्षा व्यवस्था को राजनीतिक रंग देना चाहती है। हैरत तो इस पर है कि बोर्ड ने कैसे परीक्षाओं को राजनीतिक टूल की तरह इस्तेमाल की इजाजत दे दी।

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हालांकि बोर्ड प्रशासन ऐसी किसी अनुमति दिए जाने से इनकार कर रहे हैं। डेप्युटी चेयरमैन आरआर ठक्कर का कहना है कि पांच महीने पहले पेन कंपनी ने हमसे संपर्क किया था। हमने तभी पार्टी सिंबल होने की वजह से इसे इनकार कर दिया था। हमारी तरफ से इसकी अनुमति नहीं दी गई। हालांकि कंपनी इससे उलट दावा कर रही है।

कंपनी के प्रमोशनल कामों के प्रमुख सुरेश जावेरी का कहना है, ‘अहमदाबाद, गांधीनगर और वाडनगर में हमने 1.5 लाख नमो पेन बांटे हैं। इन पेन पर आई लव मोदी भी लिखा है। जावेरी का दावा है कि तीन साल पहले हमने इस पेन का प्रस्ताव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया था। उस वक्त वह प्रदेश के मुख्यमंक्षत्री थे और उन्हें हमारा विचार काफी पसंद आया। तभी उन्होंने हमें इसकी अनुमति दी थी। जावेरी का यह भी कहना है कि उन्होंने राज्य के मंत्रियों से भी इस मामले में मुलाकात की थी। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री भूपेंद्र सिंह चूडास्मा, बोर्ड चेयरमैन एजे शाह, डेप्युटी चेयरमैन आरआर ठक्कर से भी पेन के वितरण के पहले मुलाकात की थी। (liveindiahindi.com)

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