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संघ के करीबी और नमो ब्रिगेड के फाउंडर नरेश शेनॉय को आरटीआई एक्टिविस्ट विनायक बलिगा की हत्या के आरोप में मेंगलुरु के हेजामडी इलाके से गिरफ्तार किया गया हैं. पुलिस के मुताबिक नमो ब्रिगेड के संस्थापक नरेश शेनॉय के मकान से महज 75 मीटर की दूरी पर 51 साल के विनायक पांडुरंग बलिगा की हत्या कर दी गई थी. शेनॉय बलिगा की हत्या का मुख्य आरोपी हैं.

21 मार्च को हुई आरटीआई एक्टिविस्ट विनायक बलिगा की हत्या में शेनॉय के अलावा 6 और अन्य आरोपी हैं. तीन महीने से शेनॉय फरार था. विनायक बलिगा की हत्या आरटीआई के माध्यम से वेंकटरमन मंदिर में कथित रूप से हुए करीब 9 करोड़ रुपए के घोटाला का खुलासा करने के बाद हुई थी.

बलिगा ने अलग-अलग मुद्दों पर करीब 92 आरटीआई आवेदन किए थे. जिले में अवैध रूप से भूमि हथियाने और अवैध निर्माणों का खुलासा भी उन्होंने किया था. पुलिस को शक है कि वेंकटरमन मंदिर में हुए घोटाले का खुलासा करने की वजह से ही उनकी हत्या की गई. नरेश शेनॉय मंदिर के प्रबंधन अधिकारियों में शामिल थे.


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