केंद्र सरकार ने देश के स्वच्छ शहरों की सूची जारी की है। इस सूची में मैसूर को सबसे स्वच्छ शहरों के तबके से नवाजा गया है। जबकि, सबसे गंदे शहरों में धनबाद सबसे ऊपर है।

सूची जारी करते हुए शहरी विकास मंत्री वैंकेया नायडू ने बताया कि स्वच्छ शहरों की सूची में चंडीगढ़ का दूसरा स्थान है।तिरुचिरापल्ली तीसरे स्थान व नई दिल्ली-एनसीआर नगर निगम को चौथा स्थान मिला।

टॉप टेन स्वच्छ शहरों के नाम:

मैसूर (कर्नाटक)
चंडीगढ़
तिरुचिरापल्ली (तमिलनाडु)
नई दिल्ली
विशाखापट्टनम (आंध्र प्रदेश)
सूरत (गुजरात)
राजकोट (गुजरात)
गंटोक (सिक्किम)
पिंपरी-चिंचवाड़ (महाराष्ट्र)
ग्रेटर मुंबई (महाराष्ट्र)

इस सूची के पांचवे नंबर पर विशाखापट्टनम, छठे स्थान पर सूरत, सातवें नंबर पर राजकोट व आठवें स्थान पर सिक्किम की राजधानी गंगटोक व नवां स्थान पिंपरी-छिंदवाड़ा को मिला। जबकि,10 वां स्थान ग्रेटर मुंबई को मिला है। इस सूची में वाराणसी 65वें स्थान पर है। बता दें कि वाराणसी पीएम नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है।

इस सूची में देश के 73 शहरों की रैंकिग की गई। सबसे गंदे शहरों में झारखंड के धनबाद का नाम टॉप पर है। जिन 10 शहरों का नाम सबसे गंदे शहरों में शामिल किया गया है उनमें धनबाद, आसनसोल, ईटानगर, पटना, मेरठ, रायपुर, गाजियाबाद, जमशेदपुर, वाराणसी, कल्याण डोंबिवली हैं।

इस सूची में सबसे चीने ये शहर हैं…

कल्यान (महाराष्ट्र, 64)
वाराणसी (उत्तर प्रदेश, 65)
जमशेदपुर (झारखंड, 66)
गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश, 67)
रायपुर (छत्तीसगढ़, 68)
मेरठ (उत्तर प्रदेश, 69)
पटना (बिहार, 70)
ईटानगर (अरुणाचल प्रदेश, 71)
आसनसोल (पश्चिन बंगाल, 72), धनबाद (झारखंड, 73)
 (News24)

 


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