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देश भर में गौरक्षा के नाम पर मचे कोहराम के बीच इत्तेहाद मिल्लत काउंसिल ने दिल्ली के मावलंकर सभागार में एक सेमीनार का आयोजन किया. इस सेमीनार में मुस्लिम और दलितों ने एक सुर में सरकार से बीफ निर्यात पर बैन की मांग की.

इस सेमीनार में आए वक्ताओं ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा गौरक्षकों पर दिए गए बयान को नकारते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का बयान महज एक दिखावा था, क्योंकि जो लोग सरेआम गौ हत्या के नाम पर मुसलमानों और दलितों को निशाना बना रहे हैं वो बीजेपी से जुड़े संगठनों से हैं और उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है. सेमीनार में आगे कहा गया कि मुसलमानों और दलितों को गौ हत्या के नाम पर निशाना बनाया जा रहा है जबकि बीफ के निर्यात से गैर-मुस्लिम कारोबारी अपनी जेबे भर रहे हैं. देश की चार बड़ी बीफ निर्यातक कंपनियां गैर-मुसलमानों की है.

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सेमीनार में कांग्रेस नेता दिग्विजय ने कहा कि गाय में हिन्दुओं की श्रद्धा है और अगर बीफ निर्यात बंद हो तो ये अच्छी बात होगी. दिग्विजय ने कहा कि संघ विचारक वीर सावरकार खुद गौकशी पर प्रतिबंध के विरोधी थे. लेकिन एक हिन्दू होने के नाते मैं चाहूंगा की गौ हत्या न हो और बीफ निर्यात पर पाबंदी लगे. कोहराम न्यूज़ को मिली खबर के अनुसार उन्होंने गायों के बेचने पर सवाल उठाते हुए कहा कि ‘बूढ़ी हो जाने पर हिन्दू लोग गाय को क्यों बेच देते हैं? क्या बूढ़ी हो जाने पर आप अपनी मां को बेच देते हैं? क्यों नहीं अपने आप को गौ-रक्षक कहने वाले ये लोग ऐसी गायों की सेवा करते.’

सेमीनार के आयोजक इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) के सदर मौलाना तौकीर रजा खान ने कहा सत्ता में आने से पहले मोदी ने कहा था कि वो गुलाबी क्रांति बंद कर सफेद क्रांति यानी दूध क्रांति लाएंगे, लेकिन हकीकत ये है कि पिछले 2 सालों में बीफ निर्यात 20 गुना बढ़ गया है. भारत बीफ निर्यातक देशों में पहले पायदान पर आ गया है. सबसे ज्यादा जानवरों की हत्या मोदी सरकार में हो रही है और जिस तरह पेड़ों की अंधाधुंध कटाई से पर्यावरण को खतरा हो गया है उसी तरह जानवरों की हत्या से दूध की कमी और दूसरे संकट पैदा होंगे.

उन्होंने आगे कहा मुसलमानों को बीफ नहीं खाना चाहिए क्योंकि गाय के दूध में शिफा (सेहत के लिए फायदेमंद) और मांस में बीमारी है. उन्होंने कहा कि जिस तरह से पशुओं का नरसंहार हो रहा है उससे वो दिन दूर नहीं जब हमारे देश में जानवर दिखने को नहीं मिलेंगे. इसलिए बीफ निर्यात पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाए.

जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने कहा कि ये सरकार जानबूझ कर ऐसे मुद्दों को हवा दे रही है जो गैर-जरूरी हैं ताकि असल मुद्दों से ध्यान भटकाया जा सका और नफरत की राजनीति से राजनीतिक रोटियां सेंकी जा सके.


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