बहरोड़ | शुक्रवार को राजस्थान के बहरोड़ में उस समय बड़ी घटना होने से टल गयी जब पहलु खान को श्रदांजलि देने आये मुस्लिम समुदाय के लोग और कुछ हिन्दू संगठन आमने सामने आ गए. पुलिस की मुस्तैदी की वजह से किसी भी प्रकार की अनहोनी होने से टल गयी. हालाँकि जब पुलिस ने एक संगठन को पहलु खान  श्रदांजलि देने से रोका तो उन्होंने वही धरना देना शुरू कर दिया। बाद में केवल एक व्यक्ति को श्रदांजलि देने की इजाजत दी गयी.

दरअसल शुक्रवार को जयपुर से कुछ लोग बस में सवार होकर बहरोड़ पहुंचे। ये लोग पहलु खान को उसी जगह श्रदांजलि देना चाहते जहाँ पर कथित गौरक्षको ने उसकी पिटाई की थी. ये लोग कारवां-ए-मोहब्बत के कार्यकर्त्ता थे. जब इसकी खबर कुछ हिन्दू संगठनों को लगी तो उन्होंने कारवां-ए-मोहब्बत के कार्यकर्ताओ का रास्ता रोक दिया। उस समय दोनों ही संगठन के लोग आमने सामने थे. इस बात की सूचना जैसे ही पुलिस को मिली तो उनको हाथ पैर फूल गए. वो तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे.

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एचटी मीडिया के अनुसार जब कारवां-ए-मोहब्बत के लोग शहर में जमा हो गए तो पुलिस ने भारी संख्या में वहां पुलिस बल तैनात कर दिया. इसी बीच हिन्दू संगठनों के लोगो ने भारत माता की जय और वन्देमातरम के उद्घोष के साथ उन लोगो का विरोध किया. बाद में पुलिस ने कारवां-ए-मोहब्बत के लोगो को पहलु खान को श्रदांजलि देने से रोक दिया। इस पर सामाजिक कार्यकर्ता और लेखक हर्ष मांदर ने पुलिस के सामने अपना विरोध जताया।

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हिन्दू संगठनों का कहना था की पहलु खान को बॉर्डर पर जंग लड़ते हुए शहीद नहीं हुआ. इसलिए उसे किस बात की श्रदांजलि दी जा रही है. हालाँकि बाद में काफी विरोध को देखते हुए पुलिस ने केवल हर्ष मांदर को वहां जाकर पहलु खान को श्रदांजलि  देने की इजाजत दी. बताते चले की इसी साल अप्रैल में कथित गौरक्षको ने पहलु खान की पीट पीटकर हत्या कर दी थी. गौरक्षको का आरोप था की पहलु खान गौतस्करी कर गाय को गौकशी के लिए हरियाणा ले जा रहा था. जबकि बाद में पता चला की पहलु खान डेरी फर्म चलाता था.

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