जोशीमठ | आज पुरे देश में ईद-उल-अजहा (बकरीद) का त्यौहार बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है. इस त्यौहार में मुस्लिम समुदाय के लोग सुबह मस्जिद में नमाज पढ़ते है और बाद में कुर्बानी को अंजाम देते है. बकरे, भेंस या ऊंट को कुर्बानी के लिए चुना जाता है. कुर्बानी के बाद गोश्त को तीन हिस्सों में बांटा जाता है. पहला हिस्सा कुर्बानी करने वाले के पास जाता है और बाकी दोनों हिस्सों को गरीबो में बाँट दिया जाता है.

इस्लाम में इस त्यौहार की काफी मान्यता है. इसलिए मुस्लिमो में इस त्यौहार को लेकर काफी उत्सुकता रहती है. लोग नए नए कपडे पहनकर मस्जिद में नमाज पढ़ते है और बाद में गले मिलकर एक दुसरे को ईद की बधाई देते है. लेकिन उत्तराखंड के जोशीमठ में आज मुस्लिम समुदाय के लोगो को बेहद अजीब स्थिति का सामना करना पड़ा. दरअसल बकरीद के मौके पर मुस्लिम समुदाय के लोग गाँधी मैदान में नमाज पढने के लिए इकठ्ठा होने वाले थे.

लेकिन दो दिन से चल रही भारी बारिश की वजह से मैदान में काफी पानी भरा हुआ था. मैदान उस स्थिति में नही था की वहां नमाज पढ़ी जा सके. ऐसे में मुस्लिम समुदाय के लोगो को नमाज पढने के लिए दूसरी जगह की जरुरत पड़ी. लेकिन इतनी जल्दी किसी दूसरी जगह का इंतजाम होना मुश्किल था. ऐसे में जोशीमठ स्थित गुरुद्वारा के लोगो ने आगे आकर इन लोगो की मदद करने का फैसला किया.

जोशीमठ के गुरुद्वारा की प्रबंधन कमिटी ने मुस्लिम भाइयो को गुरूद्वारे में नमाज पढने की पेशकश की. जिसको मुस्लिम भाइयो ने स्वीकार कर लिया. करीब सैकड़ो मुस्लिमो ने गुरूद्वारे में बकरीद की नमाज पढ़ी. किसी दुसरे धर्मस्थल में बकरीद की नमाज पढने की संभवतः यह पहली घटना है. नमाज पढने के बाद सभी मुस्लिम भाइयो ने गुरुद्वारा प्रबंधन कमिटी की तारीफ की.


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