रोहित के भाई चैतन्य ने कहा कि मेरे भाई बौद्ध धर्म स्वीकार करना चाहते थे, उन्होंने बौद्ध धर्म ग्रहण करने की कोशिश की लेकिन कर नहीं पाए थे।

हैदराबाद केन्द्रीय विश्वविद्यालय के दलित छात्र रोहित वेमुला की मां राधिका और भाई नागा चैतन्य वेमुला ने गुरुवार को बौद्ध धर्म स्वीकार कर लिया। इन्होंने भीम राव अंबेडकर जयंति पर मुंबई में एक समारोह के दौरान अंबेडकर के पौत्र प्रकाश अंबेडकर की मौजूदगी में बौद्ध धर्म स्वीकार किया है। हालांकि, रोहित की शादीशुदा बड़ी बहन ने बौद्ध धर्म स्वीकार नहीं किया। चैतन्य और राधिका रोहित के बचपन के दोस्त रियाज शेख और हैदराबाद यूनिवर्सिटी के छात्रा चारबाद राजू के साथ मुंबई के लिए बुधवार शाम हैदराबाद से निकले थे।

रोहित के भाई चैतन्य ने कहा कि मेरे भाई बौद्ध धर्म स्वीकार करना चाहते थे, उन्होंने बौद्ध धर्म ग्रहण करने की कोशिश की लेकिन कर नहीं पाए थे। हालांकि, हमें भी बौद्ध धर्म और इसकी शिक्षाएं पसंद हैं। इसलिए हमने बोद्ध धर्म स्वीकार कर लिया।

बौद्ध धर्म स्वीकार करने से एक दिन पहले रोहित के भाई ने द इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए कहा था, ‘मेरे भाई रोहित दिल से बौद्ध थे हालांकि वे कंवर्ट नहीं हुए थे। उन्होंने इसलिए आत्महत्या कर ली क्योंकि दलित होने की वजह से उनके साथ भेदभाव किया गया। हमने बौद्ध के प्रति उनके प्रेम को देखते हुए उनका अंतिम संस्कार बौद्ध रीति-रिवाजों के मुताबिक किया था। रोहित बौद्ध धर्म के बारे में बहुत बातें करते थे। उन्होंने वीसी को पत्र लिखकर यह भी बताया था कि किस तरह से यूनिवर्सिटी परिसर में दलितों के साथ भेदभाव किया जाता है। मेरी मां ने महसूस किया कि हमें बौद्ध धर्म स्वीकार करके रोहित को सम्मान देना चाहिए। हम लोग हिंदू धर्म में जातिवाद के खिलाफ हैं और इसलिए बौद्ध धर्म स्वीकार करने का फैसला किया है, जिसमें जाति नाम की कोई चीज नहीं है।’ (jansatta.com)


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