bajrang

कथित गौरक्षा के नाम पर गुजरात के उना में दलितों के साथ की गई मारपीट का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब मध्यप्रदेश के रीवा जिले में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा ईसाई समुदाय के लोगों को पेड़ से बांधकर पीटने का मामला सामने आया हैं.

बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने ईसाई समाज के पास्टर व उनके साथी पर धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगाते हुए उन्हें अगवा कर जंगल में ले गए और जमकर मारपीट करने के बाद पेड से बांध दिया. ऐसी हालत में इन दोनों की पूरी रात जंगल में गुजारनी पड़ी.

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शुक्रवार सुबह जब पुलिस को घटना की जानकारी लगी तो उन्होंने पादरी और साथी को ढूंढते हुए जंगल से छुड़ाया. पीड़ित पादरी रामलाल कोरी ने बताया कि वो मऊगंज में नंदलाल के घर पर प्रभु यीशु की प्रार्थना कराते हैं. गुरूवार रात नंदलाल के ससुर के निधन की खबर आने पर दोनों मोटरसाइकिल से गडरा गांव गए, रामलाल व नंदलाल दोनों उस क्षेत्र में थे, तभी बजरंग दल से जुडे़ लोग आ गए और उनसे मारपीट करने लगे.

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कोरी का कहना है कि बजरंग दल के कार्यकर्ता उन्हें घसीटते हुए जंगल में ले गए, मारपीट की और पेड से बांध दिया. देर रात को उनकी पत्नी ने पुलिस को अपहरण की सूचना दी तो पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर उन्हें व नंदलाल को छुडाया.

मऊगंज के अनुविभागीय अधिकारी, पुलिस (एसडीओपी) कमलेश शर्मा ने बताया कि पुलिस आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर मामले की जांच कर रही है. अभी तक केवल 13 लोगों की पहचान की गयी है.

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