मंगलवार को इंडिया फाउंडेशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में चास देशों के राजनयिकों के बीच राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के मुखिया मोहन भागवत ने राम मंदिर-बाबरी मस्जिद मामले पर बड़ा बयान दिया है.

उन्होंने कहा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट जो भी फैसला देगा वह उनके संगठन और उनको मान्य होगा. इस दौरान भागवत ने कहा संघ बीजेपी को नहीं चलाती और ना ही बीजेपी संघ को चलाती. हम स्वतंत्र रहकर एक स्वंयसेवक के तौर पर एक-दूसरे के संपर्क में रहते हैं और विचारों को साझा करते हैं.

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असहिष्णुता और मॉरल पुलिसिंग को लेकर हो रही आलोचना पर भागवत ने कहा, हिंदुत्व का मतलब फूड और ड्रेस कोड्स बिल्कुल नहीं है. उन्होंने कहा, हिंदू का मतलब यह पहनना और यह खाना नहीं है. किसी चीज को थोपना भी नहीं.

भागवत ने कहा, जब कोई कहता है कि वह हिंदू है तो इसका मतलब उसके धर्म या फिर रहने के तरीके से नहीं है. इसका मतलब है कि सामने वाला जैसा है हम उसको वैसे ही स्वीकार करते हैं.

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उन्होंने कहा कि उनका संगठन इंटरनेट पर आक्रामक व्यवहार और ट्रोलिंग का समर्थन नहीं करता. ऐसा करना स्तरहीनता है. ट्रोलिंग करना स्तरहीन है. हम इस तरह का आक्रामक रुख अपनाने वाले लोगों का समर्थन नहीं करते.


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