एक तरफ देश भर में किसानों द्वारा कर्जमाफ़ी को लेकर आंदोलन हो रहे है तो वहीँ दूसरी और केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने स्पष्ट रूप से कहा कि केंद्र में उनकी सरकार किसानों को कर्जमाफ़ी नही देगी. बल्कि राज्यों को खुद इसके लिए फण्ड का इंतजाम करना होगा.

जेटली ने कहा, ‘जो भी राज्य किसानों का कर्ज माफ करना चाहते हैं, उन्हें इसके लिए अपने संसाधनों से ही पैसा जुटाना होगा.’ सोमवार को गैर-निष्पादित संपत्ति (एनपीए) को लेकर सार्वजनिक बैंकों के प्रमुखों के साथ बैठक के बाद वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि एनपीए के लंबित मामलों को तेजी से निपटाने की जरूरत है.

दरअसल वित्तमंत्री से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस द्वारा करीब 30 हजार करोड़ रुपये के किसान ऋण और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पहले ही 36 हजार करोड़ रुपये के किसान ऋण माफ कर जाने को लेकर सवाल किया गया था. जिसके बारें में उन्होंने उपरोक्त बयान दिया.

गौरतलब रहे कि बीजेपी शासित मध्यप्रदेश में भी कर्जमाफी के लिए किसान आंदोलन कर रहे हैं. किसानों आंदोलन के दौरान पुलिस गोलीबारी में 5 से ज्यादा किसानों की मुअत की वजह से मध्यप्रदेश में जमकर बवाल हुआ था.


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