नई दिल्ली | हिन्दू धर्म में गाय को माता का दर्जा दिया गया है. इसलिए गाय को पूजनीय माना गया है. यही कारण है की हिन्दुओ की गाय में गहरी आस्था है. पुरानी मान्यताओ के अनुसार गाय के दूध और घी में भैंस के दूध और घी से ज्यादा पोष्टिकता होती है. यह बात वैज्ञानिक भी मानते है. इसलिए अब सरकार ने गाय के ऊपर वैज्ञानिक शोध करवाने का फैसला किया है.

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मिली जानकारी के अनुसार भारत के विज्ञान एवं तकनीकी मंत्रालय ने पंचगव्य के महत्व का अध्यान करने के लिए एक कमिटी का गठन किया है. इस कमिटी की अध्यक्षता केन्द्रीय मंत्री डॉ हर्षवर्धन करेंगे. दरअसल इस अध्यन के पीछे सरकार का मकसद पंचगव्य पर वैज्ञानिक पुष्टि और शोध होगा. जिससे आगे गाय के ऊपर कोई भी निर्णय लेने से पहले सरकार के पास वैज्ञानिक प्रमाण हो.

भारत सरकार की विभिन्न विज्ञान सम्बन्धी संस्थाओ के प्रमुखों को इस कमिटी सदस्य बनाया गया है. कमिटी का काम पंचगव्य से जुड़े रिसर्च प्रोजेक्ट का चयन करना और उनकी समीक्षा करना होगा. रिसर्च के बाद जो नतीजे प्राप्त होंगे उनसे व्यापक लाभ के लिए मंत्रालय बजट भी उपलब्ध कराएगा. द टेलीग्राफ के अनुसार मंत्रालय ने उन सभी सदस्यों को 25 अप्रैल को एक नोट भेज इसकी जानकारी दी जो इस कमिटी का हिस्सा है.

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नोट में शोध के मकसद के बारे में लिखा गया की “भारतीय गाय के वैज्ञानिक विलक्षणता की वैज्ञानिक पुष्टि” के लिए यह शोध किया जा रहा है. दरअसल पंचगव्य , गाय के गोबर, गौमूत्र , गाय के दूध , गाय के दूध की दही, गाय के दूध का घी, जल और तीन अन्य पदार्थो से मिलकर बनता है. यह कमिटी पंचगव्य के फायदों का वैज्ञानिक द्रष्टि से शोध करेगी. मंत्रालय ने इसके लिए आईआईटी दिल्ली से भी हाथ मिलाया है.

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