वक्फ संपत्तियों पर अतिक्रमण के खिलाफ लाए नए संशोधित कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग करते हुए केंद्रीय वक्फ परिषद के एक सदस्य ने रविवार को कहा कि मोदी सरकार वक्फ संपत्तियों के संरक्षण और विकास को लेकर पहले की सरकारों से ज्यादा गंभीर है।

वक्फ परिषद के सदस्य रईस खान पठान ने कहा, ‘अगर पहले की सरकारों ने गंभीरता दिखाई होती तो वक्फ संपत्तियों पर इतने कब्जे नहीं होते। पिछले डेढ़ साल के अनुभव को देखते हुए मैं यह कह सकता हूं कि मौजूदा सरकार वक्फ की संपत्तियों के संरक्षण और विकास को लेकर पहले की सरकारों से ज्यादा गंभीर है।’

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उन्होंने कहा, ‘वक्फ संपत्तियों से अतिक्रमण हटाने के लिए यूपीए सरकार के समय जो संशोधित कानून लाया गया था, उसका प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन नहीं हो पाया है। वक्फ परिषद और सरकार के समक्ष हमने इस मुद्दे को उठाया और हमें भरोसा दिया गया है कि इस कानून को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किया जाएगा।’

पठान ने कहा, ‘देश में कुछ जगहों पर वक्फ संपत्तियों को विकसित किया गया तो उसका बहुत आर्थिक फायदा देखने को मिला। अगर पूरे देश में वक्फ संपत्तियों को सही ढंग से विकसित कर दिया जाए तो मुस्लिम समुदाय का बहुत भला हो सकता है। संपत्तियों को अतिक्रमण से बचाने के साथ उनको विकसित करना वक्फ परिषद की प्राथमिकता है।’

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