केंद्र की मोदी सरकार ने गौरक्षा के लिए बनाए गए नए कानून की अधिसूचना जारी कर दी है. इस कानून के तहत अब काटने के लिए गायों की बिक्री पर प्रतिबंध लग गया है. केंद्र ने सिर्फ किसानों को गायों की खरीद-फरोख्त करने की इजाजत दी है.

मंगलवार को जारी की गई नोटिफिकेशन में कहा गया है, ”ऐसा उपक्रम कीजिए कि जानवर सिर्फ खेती के कामों के लिए लाए जाएं, न कि मारने के लिए.” विशेषज्ञों का कहना है कि इस कानून से सबसे ज्यादा मुस्लिम मवेशी व्यापारियों को नुकसान होगा, जो पहले ही गौरक्षक समूहों से परेशानियां झेल रहे हैं. ये नया कानून में गाय, बैल, सांड, भैंस और ऊंट जैसे पशुओं के व्यापार पर लागू होगा.

नए नियम के अनुसार, सौदे से पहले क्रेता और विक्रेता, दोनों को ही अपनी पहचान और मालिकाना हक के दस्‍तावेज सामने रखने होंगे.गाय खरीदने के बाद व्‍यापारी को रसीद की पांच कॉपी बनवाकर उन्‍हें स्‍थानीय राजस्‍व कार्यालय, क्रेता के जिले के एक स्‍थानीय पशु चिकित्‍सक, पशु बाजार कमेटी को देनी होगी. एक-एक कॉपी क्रेता और विक्रेता अपने पास रखेंगे.

देशभर में हर साल करीब 1 लाख करोड़ रुपए का मांस कारोबार होता है, साल 2016-17 में 26,303 करोड़ रुपए का निर्यात भी हुआ. उत्‍तर प्रदेश मांस निर्यात के मामले में सबसे ऊपर, उसके बाद आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और तेलंगाना का नंबर आता है. ऐसे में अब माना जा रहा है कि इससे देश के मांस निर्यात कारोबार पर असर पड़ेगा.


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