तिरुवंतपुरम | केंद्र सरकार ने उन मवेशियों की खरीद फरोख्त पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है जो वध के लिए पशु बाजारों में आते है. अब एक तय प्रक्रिया के बाद ही कोई व्यक्ति पशु बाजार में पशुओ को खरीद बेच सकेगा. देश में बीफ का बड़ा कारोबार है, जो सरकार के इस फैसले के बाद सबसे ज्यादा प्रभावित होगा. उधर केरल सरकार ने मोदी सरकार के फैसले का विरोध करते हुए इसे फासीवादी कदम करार दिया.

केरल सरकार में कृषि मंत्री वीएस सुनील कुमार ने कहा की हम केंद्र सरकार और आरएसएस की फासीवादी नीतियों को केरल में लागु नही होने देंगे. केंद्र सरकार को जो नोटिफिकेशन जारी करना है करे हम उनका पालन नही करेंगे. उधर केरल के मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी इस कदम की निंदा करते हुए मोदी सरकार को आड़े हाथो लिया. इस फैसले के विरोध में सीएम कार्यलय की और से कई ट्वीट किये गए.

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इन ट्वीट में कहा गया की सरकार का यह फैसला लाखो लोगो को बेरोजगार कर देगा. चमड़ा उधोग ठप्प हो जायेगा. यह सीधे सीधे गरीब, किसान और दलित पर हमला है. गौवध पर बैन लगाने से लाखो लोगो की खाने की खपत पर असर पड़ेगा. मोदी सरकार के इस कदम को देश की बहुलता पर हमला बताते हुए उन्होंने लिखा की एक तरफ गाय के नाम पर इंसानों की हत्या हो रही है और उधर सरकार पशु वध को अवैध ठहरा रही है.

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वही केरल के वित् मंत्री थॉमस इसाक ने भी सरकार के इस कदम की आलोचना की. उन्होंने कहा की कोई भी सरकार किसी के खाने की पसंद-नापसंद का फैसला नही कर सकती. यह तर्कहीन फैसला है और हम कानून की सलाह के बाद ही इस पर कुछ फैसला ले सकेंगे. उधर कांग्रेस ने भी सरकार के फैसले का विरोध करते हुए कहा की रोजे शुरू होने से पहले इस तरह के फैसले लेना गलत है. यह देश के संविधान का अपमान और लोगो के अधिकारों का हनन है.

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