नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली के लिए ट्रेन बुक कराना यूपी के एक बीजेपी नेता के गले की फांस बन गया है. किराये के लिए रेलवे से मिल रहे नोटिस और भुगतान को लेकर पार्टी ऑफिस के चक्कर काट-काट कर थक चुके विनोद सामरिया का कहना है कि अब उनके पास सुसाइड के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है.
मोदी बन गये PM , लेकिन पार्टी ने अब तक नहीं दिए रैली के लिए बुक रेलगाड़ी के पैसे
पीएम की रैली बनी मुसीबत
गौरतलब यह है कि आगरा के रहने वाले सामरिया ने लोकसभा चुनाव के दौरान आयोजित होने वाली पीएम नरेंद्र मोदी की एक रैली में भीड़ जुटाने के लिए ट्रेन बुक कराई थी. ट्रेन को बुक करने के चक्कर में उन पर लाखों रुपये रेलवे का बकाया हो गया है. दरअसल फतेहपुर सीकरी इकाई अध्यक्ष विनोद सामरिया को लोकसभा चुनाव के दौरान पीएम पद के उम्मीदवार की रैली में भीड़ जुटाने के लिए ट्रेन बुक करने की जिम्मेदारी सौपी गयी थी. इसके साथ उनसे यह भी कहा गया था कि बाद में पार्टी कार्यालय इस खर्चे का भुगतान कर देगा. लेकिन दो साल बाद भी पार्टी कार्यालय ने ट्रेन बुक कराने पर आये लाखों रुपये के ख़र्चे को अब देने में हीलाहवाली कर रहा है. जिसके चलते सामरिया की मुश्किलें अब बढ़ती नजर आ रही हैं.
रेलवे ने थमाया नोटिस
इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि रेलवे से ट्रेन बुक कराने के लिए विनोद सामरिया ने ही कागजी कार्यवाही फतेहपुर सिकरी नगर अध्यक्ष के तौर पर की थी. बताया जाता है कि जब ट्रेन बुक की गई तो टोटल बिल 18 लाख 39 हजार 560 रुपए बना. अंतिम समय में 4 स्टॉपेज बढ़ाए जाने के कारण बिल की लागत 30 लाख 68 हजार 950 रुपए हो गयी. सामरिया ने 18 लाख 39 हजार 560 रुपए जमा करा दिए गए थे. रेलवे अब बकाया 12 लाख 29 हजार 230 रुपए के लिए सामरिया को लगातार नोटिस भेज रहा है.
क्या कहते हैं सामरिया?
बीजेपी नेता विनोद सामरिया बताते हैं कि पार्टी के बड़े नेताओं के सामने गुहार लगा- लगा कर वह थक चुके हैं. उन्होंने बताया कि  रेलवे के साथ सभी लेन-देन मेरे नाम पर किया गया था. अब रेलवे मेरे लिए नोटिस भेज रहा है और पार्टी मदद नहीं कर रही है. उन्होंने यह भी बताया कि वह रेल मंत्री सुरेश प्रभु, पीएमओ, अमित शाह, लक्ष्मीकांत बाजपेई, रामशंकर कठेरिया सभी से गुहार लगाकर थक चुके है. इंडिया संवाद को अपनी बीती दुखद कथा सुनाते हुए विनोद सामरिया कहते है, ‘मैं एक किसान का बेटा हूं, मेरे पास इतना रुपया कहां से आएगा.’ लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है. मुझे भी रोहित वेमुला की तरह सुसाइड ही करना पड़ेगा. तभी पार्टी पैसा जमा करेगी.
क्या कहना है रेलवे का?
इस बाबत ‘इंडिया संवाद’ ने जब रेलवे का पक्ष जानने के लिए आगरा रेलवे डिवीजन में संपर्क किया गया तो पहले कोई कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं हुआ. लेकिन बाद में एक वरिष्ट अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया-सामरिया को शेष राशि का भुगतान करना पड़ेगा. ट्रेन के समय से 48 घंटे पहले सामरिया ने ट्रेन के चार स्टॉपेज बढ़ाने की मांग रखी थी. पहले समझौते के मुताबिक 18 लाख का भुगतान ही करना था, लेकिन किरावली मिधाकुर पथौली और एतमादपुर स्टेशन पर अलग से स्टॉपेज करने के कारण बिल 30 लाख आया. (indiasamvad)

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