लखनऊ | हमारे देश के संविधान ने सभी भारतीयों को अपनी बात रखने और शांति के साथ विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार दिया है. लेकिन सत्ता पर काबिज होते ही देश के राजनेता यह बात भूल जाते है. उन्हें लगता है की उनके द्वारा बनायी गयी नीतियों का विरोध, उनका विरोध है. इसलिए ऐसा करने वालो के साथ ऐसी सरकारे अपराधियों जैसा सुलूक करती है. शांति से अपनी बात रख रही जनता को जेल में डाल दिया जाता है.

कुछ ऐसा ही हुआ 22 साल की अपूर्वा वर्मा के साथ. अपूर्वा मिस यूपी भी रह चुकी है. अभी 7 जून को अपूर्वा और उसके साथियों को यूपी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. उनका अपराध यह था की उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को काला झंडा दिखाने का दुस्साहस किया था. इसलिए अपूर्वा और उसके साथियों को जेल में डाल दिया गया. करीब 23 दिन जेल में बिताने के बाद अपूर्वा को जमानत दे दी गयी.

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लेकिन जेल से बाहर आने के बाद अपूर्वा ने जेल के अन्दर बिताये गये अपने 23 दिनों की जो आपबीती सुनाई , उसको सुनकर किसी का दिल दहल जाए. अपूर्वा ने बताया की उसे और उसकी एक महिला साथी को एक ऐसे जेल बैरक में रखा गया जहाँ बलात्कार, चोर और डकैती के आरोप में कैदी बंद थे. ऐसे लोगो के साथ जेल में बंद होने के कारण हमें पूरी रात नींद नही आती थी. हमेशा कुछ गलत होने का अंदेशा लगा रहता था.

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अपूर्व ने यह भी बताया की उनके खाने पीने पर भी प्रतिबंध लगाया गया. यहाँ तक की पैसे देने के बाद भी उनको कैंटीन से खाना मंगाने की इजाजत नही थी. अपूर्वा का यह भी आरोप है की उसको , उसके माँ बाप से मिलने की भी इजाजत नही दी गयी. एक बार मुलायम सिंह यादव भी उनसे जेल में मिलने पहुंचे. लेकिन उनसे भी कुछ देर के लिए ही मिलने दिया गया. अपूर्वा का कहना है की जेल में हमारे साथ इस तरह का बर्ताव किया जा रहा था जैसे की हम कोई आतंकवादी हो.

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