आठ राज्यों में हिंदुओं को अल्पसंख्यक कादर्जा देने के लिए राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग (एनसीएम) ने एक तीन सदस्यीय समिति बनाई है.

एनसीएम ने आठ राज्यों जम्मू-कश्मीर, लक्षद्वीप, मिजोरम, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय और पंजाब में हिन्दुओं को अल्पसंख्यक का दर्जा देने को लेकर ये समिति बनाई है. ध्यान रहे इस मामले में पहले ही सुप्रीम कोर्ट याचिका को खारिजकर चूका है.

भाजपा कार्यकर्ता अस्विनी उपाध्याय की याचिका पर ये समिति बनाई है. एनसीएम के अध्यक्ष हसन रिजवी ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “हमने सभी पहलुओं पर ध्यान देने के लिए तीन सदस्यों की एक आंतरिक उप-समिति बनाई है. यह समिति तीन महीने के लिए काम करेगी, फिर आयोग सरकार से सिफारिश करेगा. “समिति की सहायता एनसीएम अतिरिक्त सचिव अजय कुमार करेंगे.

अश्विनी कहते हैं कि अल्पसंख्यक होने के बावजूद हिंदू समुदाय को उनके अधिकारों से अवैध और मनमाने तरीक़े से वंचित रखा जा रहा है क्योंकि न तो केंद्र और न ही राज्य सरकारों ने हिंदुओं को अल्पसंख्यक कानूनों के राष्ट्रीय आयोग की धारा 2 (सी) के तहत अल्पसंख्यक के रूप में अधिसूचित किया है.

उपाध्याय की याचिका में कहा गया है कि हिंदुओं को उनके मूल अधिकारों से वंचित किया जा रहा है, जो कि अनुच्छेद 25 से 30 के तहत क़ानून उन्हें देता है.


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