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नोटबंदी के कारण देश की जनता सहित नेताओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं. केंद्रीय मंत्री डी वी सदानंद गौड़ा को अपने छोटे भाई की मौत के बाद पुराने नोट होने की वजह से अस्पताल को चेक में भुगतान करना पड़ा. जिसके बाद ही उन्हें अस्पताल से शव मिला.

केंद्रीय मंत्री के छोटे भाई डी वी भास्कर गौड़ा लंबे वक्त से बिमारी के कारण अस्पताल में भर्ती थे. मंगलवार को उनकी मौत हो गई थी. इस दौरान अस्पताल का बिल 13 लाख रुपए हुआ था. बिल चुकाते समय परिजनों के पास 48 हजार रुपए 500 और 1000 रुपए पुराने नोट में थे. जिसे अस्पताल ने लेने से मना कर दिया. अंत में गौड़ा को शव लेने के लिए चेक से पेमेंट करना पड़ा.

कहा जा रहा हैं कि नोटों को लेकर हॉस्पिटल स्टाफ और गौड़ा परिवार में कुछ कहासुनी भी हुई थी. अंत में हॉस्पिटल ने लिखित में दे दिया कि वह पुराने नोट नहीं ले सकता. हालांकि गौड़ा के मीडिया सचिव ने ऐसा कुछ होने से इंकार किया है.

मीडिया सचिव मंजुनाथ ने कहा कि गौड़ा या उनके परिवार के किसी सदस्य ने पुराने नोटों से बिल देने की कोशिश की ही नहीं थी. भास्कर गौड़ा किसानी करते थे. उन्हें लगभग दो हफ्ते पहले केएमसी हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था.


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