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झारखंड के जामताड़ा में पुलिस हिरासत में मारे गए मिनहाज अंसारी की मौत को लेकर अब केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार को जांच के आदेश दिए हैं. नारायणपुर थाने के दिघारी गांव के 25 साल के मिनहाज अंसारी की पिछले दिनों पुलिस हिरासत में मौत हुई थी. वह मोबाइल की एसेसरीज़ की दुकान चलाते थे.

एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ़ सिविल राइट्स (APCR) के झारखंड के संयोजक, ज़ियाउल्लाह द्वारा गृह मंत्रालय में दायर की गई शिकायत याचिका पर कार्रवाई करते हुए गृह मंत्रालय ने झारखंड सरकार के प्रमुख सचिव (गृह) को जाँच की आदेश के साथ इस मामले की पूरी कारवाई से अवगत कराने के लिए  4 नवम्बर को आदेशित पत्र भेजा हैं.

मिनहाज अंसारी को वॉट्सएप पर कथित तौर पर एक आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर हिरासत में लिया गया था.पुलिस का कहना है कि ‘ज्योति क्लब जुम्मन मोड़’ नामक व्हाट्सएप ग्रुप पर 2 अक्तूबर की देर रात मिनहाज ने कुछ तस्वीरें पोस्ट की थीं. इनमें वो मांस के टुकड़े के पास बैठा था, इसे पुलिस बीफ़ मानती है.

पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, विश्व हिंदू परिषद से जुड़े सोनू सिंह ने इसके बीफ़ होने और इससे हिंदुओं की भावनाएं भड़कने की सूचना दी थी. सोनू सिंह के उपलब्ध कराए गए स्क्रीन शॉट के आधार पर नारायणपुर थाने के प्रभारी हरीश पाठक ने मिनहाज के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया.

गृह मंत्रालय का झारखण्ड सरकार को पत्र

मिनहाज अंसारी के चाचा कादिर मियां के अनुसार, इसकी गारंटी कौन लेगा कि जिस मांस को बीफ़ मानकर पुलिस ने मिनहाज को गिरफ्तार किया वह आख़िर बीफ़ है भी या नहीं ?

मिन्हाज के परिजनों के अनुसार, पुलिस की पिटाई से मिनहाज की हालत काफी खऱाब हो गयी थी. जामताड़ा सदर अस्पताल के डाक्टरों ने उसे धनबाद रेफऱ कर दिया. वहां के डाक्टरों ने उसे रांची ले जाने की सलाह दी. जहां रिम्स में इलाज के दौरान मिनहाज की मौत हो गयी.

इस मामलें में मिनहाज अंसारी के पिता उमर मियां थाना प्रभारी हरीश पाठक पर अपने बेटे की हत्या का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी.


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